कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने वाली एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने आरोप लगाया है कि प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद उसे बलात्कार और धमकियां मिल रही हैं।
इस मामले का जिक्र शुक्रवार को महिला के वकील ने सीजेआई सूर्यकांत के समक्ष किया । जिन्होंने सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े अन्य मामलों के साथ उनकी याचिका को 18 अगस्त, मंगलवार को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि बलात्कार और अपहरण की धमकियों के साथ-साथ लगातार हो रही हिंसक घटनाओं को देखते हुए इस मामले में “तत्काल कार्रवाई” की जरूरत है।
वकील ने कहा, “लगातार हो रही हिंसक घटनाओं, बलात्कार और अपहरण की धमकियों को रोकना बेहद जरूरी है। हमने पहले ही वीडियो रिकॉर्ड कर लिए हैं। याचिका दायर करने के बाद कुछ वीडियो हमारे संज्ञान में आए हैं, जो इतने भयावह हैं कि मैं शायद ओपन कोर्ट में उनका जिक्र भी नहीं कर सकता। “
कॉकरोच जनता पार्टी का सीजन-2 अभियान
बता दें, दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद उसे खत्म करने के एक महीने से भी कम समय में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को घोषणा की कि उनके अभियान का ‘सीजन-2’ जल्द शुरू होगा।
अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें संसद में माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह संसद से क्यों भाग रहे हैं? उन्हें आकर 20 जुलाई के लाठीचार्ज के लिए माफी मांगनी चाहिए। उनकी हिदायत पर पैलेट गन चलाई गई और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। अब वह संसद से क्यों भाग रहे हैं?
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सीजन-2 में दरअसल क्या होगा। उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी का ध्यान देश के स्कूलों की स्थिति सुधारने पर होगा। रांका ने कहा कि अगर सरकार ने स्कूलों के बारे में उनकी बात नहीं सुनी तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ 15 अगस्त से शुरू होगा।
‘इस देश को भगवान ही बचाए’, आतंकियों के डर से ड्यूटी छोड़ने वाले SPO की याचिका HC ने खारिज की
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट ने एक पूर्व स्पेशल पुलिस अधिकारी की सेवा बहाली की याचिका करते हुए सख्त टिप्पणी की। हाई कोर्ट ने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी आतंकियों के डर से ड्यूटी पर आना बंद करे, तो इस देश को केवल भगवान ही बचा सकता है। पढ़ें पूरी खबर।
