तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। तेजपाल ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 6 अगस्त के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराया गया था और 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी।

तेजपाल को 2013 में तहलका पत्रिका द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गोवा के एक होटल की लिफ्ट में एक कनिष्ठ सहकर्मी के साथ बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया गया था, जब हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उनकी बरी किए जाने के फैसले को पलट दिया था। यह अपील अधिवक्ता आदित्य समाद्दार के माध्यम से दायर की गई है।

इससे पहले गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में तरुण तेजपाल के लिए आजीवन कारावास की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। जिसमें तर्क दिया गया था कि अपराधों की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए 10 साल की सजा बहुत हल्की है।

तेजपाल को दोषी ठहराए जाने का कारण क्या था?

यह मामला नवंबर 2013 का है, जब एक कनिष्ठ पत्रकार ने तेजपाल पर तहलका पत्रिका द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गोवा के एक पांच सितारा होटल में लिफ्ट के अंदर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

तेजपाल को 30 नवंबर 2013 को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत बलात्कार, यौन उत्पीड़न और निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला करने सहित कई आरोप लगाए गए थे। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोपों को स्वीकार नहीं किया।

मई 2021 में गोवा की एक सेशन कोर्ट ने तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। यह मानते हुए कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को उचित संदेह से परे साबित करने में विफल रहा था।

इसके बाद गोवा सरकार ने सेशन कोर्ट के बरी किए जाने के फैसले को खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जिसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट ने सेशन कोर्ट के फैसले को पलट दिया और इस साल 6 अगस्त को अगस्त को तेजपाल को दोषी करार दिया और 10 के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

दोषी ठहराए जाने के बाद तेजपाल ने अदालत को बताया कि उनकी उम्र 62 साल है और वह दो बच्चों के पिता हैं। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें राजनीतिक कारणों निशाना बनाया गया।

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार

तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को बंबई उच्च न्यायालय ने 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार दिया है। इसके साथ ही अदालत ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें तेजपाल को बरी कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर।