सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने सोमवार को सोनम वागंचुक तबीयत को लेकर अपडेट दी। केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बताया कि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत एकदम ठीक है और वह बेहतर स्थिति में हैं। कस्टडी के दौरान एम्स जोधपुर में बेहतर इलाज चल रहा है। साथ ही केंद्र की ओर से मांगे गए समय पर कोर्ट ने दो टूक में कहा कि अब और कोई मोहलत नहीं दी जाएगी।
केंद्र की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी बी वराले की बेंच को बताया कि सोनम वांगचुके हिरासत मामले में अभी कोई प्रगति नहीं हुई है।
क्या हुआ, कोई प्रगति हुई, क्या यह पूरा हो गया- जस्टिस ने पूछा
जस्टिस अरविंद कुमार ने नटराज ने पूछा कि क्या कोर्ट के कहने पर सोनम वांगचुक की हिरासत के दौरान खराब तबीयत पर कोई प्रगति हुई। जस्टिस अरविंद ने पूछा, क्या हुआ, कोई प्रगति हुई, क्या यह पूरा हो गया?
इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कहा, मैं इसे कोर्ट में पेश कर दूंगा, अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। उन्हें बेहतर इलाज मुहैया कराया गया है। सोनम वांगचुक के वकील ने कहा कि उनकी हिरासत पर फिर से विचार का यही सही समय है कि क्योंकि उनकी हालत लगातार खराब रह रही है।
जस्टिस पीबी वराले ने पूछे सवाल
इस पर जस्टिस पीबी वराले ने कहा कि पिछली बार कोर्ट ने यह सुझाव दिया था तब भी यही बात कही गई थी। जस्टिस पीबी वराले ने कहा, “कुछ परेशानियां हैं और ऐसा नहीं है कि आप इसे मना कर रहे हैं। वह भी स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। डॉक्टर कहते हैं कि हां, यह है, और अब इलाज किया जा रहा है। यह मानना होगा कि स्वास्थ्य समस्या है, और पिछले दिन ही हमने यह सुझाव दिया था।”
ASG नटराज ने कहा, “जहां तक उनकी सेहत की बात है, वह बिल्कुल ठीक हैं। लद्दाख के मुकाबले जयपुर इलाज के लिए बेहतर स्थान है। राजस्थान में एम्स है, जबकि लद्दाख में ऐसा कुछ नहीं होता।” जस्टिस पीबी वराले ने कहा, “नहीं, नहीं, आप ऐसा नहीं कह सकते।” एएसजी ने बेंच से अनुरोध किया कि इस मामले पर कल के बाद सुनवाई की जाए।
बेंच ने साफ किया अब नहीं दी जाएगी कोई मोहलत
बेंच ने ASG से कहा, “यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका है। ASG नटराज, आपको यह समझना चाहिए कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में आप ऐसा नहीं कह सकते। पिछले शुक्रवार को भी हम इस मामले पर सुनवाई नहीं कर पाए थे।”
हालांकि, बेंच ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बुधवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA), 1980 के तहत उनकी हिरासत को अवैध घोषित करने की मांग की गई है। बेंच ने साफ किया कि अब और कोई मोहलत नहीं दी जाएगी। आगे पढ़िए ‘तीन माह में कुलदीप सेंगर की याचिका पर करें फैसला’ सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट को दिया निर्देश
