सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) पर केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी किया। याचिका में अदालत की मौखिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल और उनके दुरुपयोग की जांच की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले की सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की है।

याचिकाकर्ता अधिवक्ता राजा चौधरी ने अदालत से मांग की है कि न्यायाधीशों की मौखिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक उपयोग, ट्रेडमार्क, कमाई के उद्देश्य से प्रसार और अनधिकृत इस्तेमाल की जांच कर कार्रवाई की जाए। याचिका में विशेष रूप से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़ी गतिविधियों का जिक्र किया गया है।

याचिका में कहा गया है कि निष्पक्ष आलोचना, लोकतांत्रिक असहमति, व्यंग्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान के तहत संरक्षित हैं। लेकिन कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों का व्यावसायिक इस्तेमाल न्यायपालिका और न्याय व्यवस्था में लोगों के भरोसे को कमजोर कर सकता है।

फर्जी वकीलों की जांच की भी मांग

PIL में फर्जी वकीलों, फर्जी कानून की डिग्रियों, दूसरे की पहचान अपनाकर वकालत करने (Impersonation) और पेशेवर मानकों में गिरावट के आरोपों की CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की गई है। याचिका में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और विभिन्न न्यायाधीशों की पूर्व टिप्पणियों का हवाला दिया गया है जिनमें फर्जी या अमान्य डिग्री के आधार पर वकालत करने वाले लोगों पर चिंता जताई गई थी।

क्या है ‘कॉकरोच’ विवाद?

यह मामला मई में हुई एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत की मौखिक टिप्पणी से जुड़ा है। उस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नाम से एक व्यंग्यात्मक अभियान शुरू हुआ जो बाद में युवाओं के आंदोलन में बदल गया। बाद में CJI ने स्पष्ट किया था कि उनका ‘कॉकरोच’ वाला बयान छात्रों, युवाओं या प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं बल्कि फर्जी या बोगस डिग्री लेकर पेशे में आने वाले लोगों के संदर्भ में था।

इसके बाद CJP ने कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर देशभर में प्रदर्शन किए। हाल ही में संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा था कि CJP फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय युवाओं और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर सामाजिक आंदोलन के रूप में काम जारी रखेगा।

‘झारखंड के छात्रों के साथ हैं हम’, JPSC-JSSC आंदोलन को CJP का समर्थन

झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन को सोमवार को सीजेपी का समर्थन मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता जताई।