सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी को उनकी पत्नी द्वारा दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। याचिका में शमी की पत्नी हसीन जहां ने भरण-पोषण याचिका और घरेलू हिंसा की शिकायत सहित विभिन्न वैवाहिक कार्यवाही को पश्चिम बंगाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की है।
जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने शमी की पत्नी द्वारा दायर दो अलग-अलग स्थानांतरण याचिकाओं पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। शीर्ष अदालत ने शमी समेत प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर याचिकाओं पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी। इसी के साथ मामले की सुनवाई चार सप्ताह बाद के लिए स्थगित कर दी। शमी की पत्नी ने अधिवक्ता दीपक प्रकाश के माध्यम से स्थानांतरण याचिकाएं उच्चतम न्यायालय में दाखिल की हैं।
शीर्ष अदालत ने पिछले साल सात नवंबर को शमी को उनकी अलग रह रही पत्नी द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर नोटिस जारी किया था। इस याचिका में पत्नी ने अपने और अपनी नाबालिग बेटी के लिए स्वीकृत अंतरिम भरण-पोषण राशि बढ़ाने का अनुरोध किया था।
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उक्त याचिका में उनकी पत्नी ने कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा पिछले वर्ष एक जुलाई और 25 अगस्त को पारित किए गए दो आदेशों को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने शमी द्वारा अलग रह रही पत्नी को देय अंतरिम भरण-पोषण की राशि को बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये प्रति माह और उनकी बेटी के लिए 2.5 लाख रुपये प्रति माह कर दिया था, साथ ही क्रिकेटर को बकाया राशि को आठ मासिक किस्तों में चुकाने की अनुमति दी थी।
शमी की पत्नी ने 2018 में घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए कोलकाता के जादवपुर पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने बाद में क्रिकेटर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया।
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