सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में दो आरोपियों पवन कुमार बिश्नोई और जगतर सिंह को जमानत दे दी। मूसेवाला की हत्या साल 2022 में हुई थी।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली अभियुक्तों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अभियुक्तों को जमानत देने से पहले चश्मदीदों के बयान दर्ज होने का इंतजार करना उचित होगा।
सुनवाई के दौरान, पवन बिश्नोई के वकील अभय कुमार ने दलील दी कि केवल पवन बिश्नोई का नाम लॉरेंस बिश्नोई से मिलता-जुलता है। इसके अलावा दोनों का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आगे तर्क दिया कि पवन को एक अन्य मामले में हिरासत के दौरान दर्ज किए गए इकबालिया बयान के आधार पर फंसाया गया था।
वकील ने कहा कि पवन को दूसरे केस में बरी कर दिया गया है और यह आरोप कि उसने मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल की गई बोलेरो कार दी थी। यह साबित भी रिकवरी से साबित नहीं होता है।
कुमार ने आगे बताया कि अभियोजन पक्ष के लगभग 180 गवाह थे और याचिकाकर्ता पहले ही साढ़े तीन साल से अधिक समय हिरासत में बिता चुका था। दूसरी ओर, जगतार सिंह के वकील ने दावा किया कि सिंह केवल पड़ोसी थे और उन्होंने घटना के लिए कथित तौर पर की गई रेकी में कोई सहयोग नहीं किया था। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपियों को जमानत दे दी।
दिल्ली दंगों में पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरुख पठान को अदालत ने नहीं दी जमानत
दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने गुरुवार को शाहरुख पठान की जमानत याचिका खारिज कर दी। शाहरुख पठान वर्तमान में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित दो मामलों में आरोपी है। पढ़ें पूरी खबर।
