Sonam Wangchuk News: केंद्र सरकार और लेह प्रशासन ने गुरुवार को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत लद्दाख के कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर अपनी दलीलें पूरी कर लीं। सरकार ने जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले की बेंच को बताया कि वांगचुक की गिरफ्तारी से लद्दाख में हिंसा पर अंकुश लगा और इससे यह साबित होता है कि गिरफ्तारी सही थी।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने सरकार की ओर से कहा, “गिरफ्तारी के बाद, आंदोलन और हिंसा पूरी तरह से नियंत्रण में आ गई। इसलिए यह साबित होता है कि यह एक बिल्कुल सही आदेश था जो उस स्थिति में न्यायसंगत था।” एएसजी नटराज ने यह भी कहा कि वांगचुक को हिरासत में लेते समय अधिकारी ने पूरी तरह से विवेक का इस्तेमाल किया था।

नटराज ने कहा, “कृपया स्थिति पर गौर करें। सीमावर्ती क्षेत्रों में आंदोलन और हिंसा भड़क रही है। राष्ट्रीय हित सर्वोपरि होना चाहिए। मौलिक अधिकारों के विभिन्न पहलुओं को उजागर करके इन सभी पहलुओं की अनदेखी करने के बजाय, इस न्यायालय के समक्ष उपस्थित व्यक्ति को नागरिकों और देश के प्रति अपने मौलिक कर्तव्यों के प्रति भी सचेत रहना चाहिए।”

आपसे कोई सवाल पूछे तो कोई आपत्ति नहीं होगी- सुप्रीम कोर्ट

बुधवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ हुई बातचीत के सिलसिले में कोर्ट ने आज एएसजे नटराज से पूछा, “उम्मीद है कि अगर हम आपसे कोई सवाल पूछें तो आपको कोई आपत्ति नहीं होगी। बाद में यह मत कहना कि अनुचित सवाल पूछे जा रहे हैं। इसीलिए हम पहले यह बात कह देते हैं।” इसके जवाब में नटराज ने कहा कि अदालत द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का उत्तर देना उनके लिए अनिवार्य है, चाहे वह प्रश्न प्रासंगिक हो या अप्रासंगिक। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि कोई वकील यह तय नहीं कर सकता कि पीठ द्वारा पूछा गया सवाल प्रासंगिक है या अप्रासंगिक।

लेह में हुए थे विरोध प्रदर्शन

बता दें कि सितंबर 2025 में लेह में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा देने की मांगों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उनकी पत्नी ने उनकी रिहाई के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। पिछले हफ्ते अदालत ने केंद्र सरकार से जेल में वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें हिरासत में रखने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। हालांकि, अधिकारियों ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए वांगचुक को रिहा न करने का फैसला किया। सोनम वांगचुक के मामले में केंद्र सरकार पर सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट पढ़ें पूरी खबर…