सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के चार प्रमुख हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में चार वरिष्ठ उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को पदोन्नति की औपचारिक रूप से सिफारिश की है। इन सिफारिशों में बॉम्बे, कलकत्ता, पटना और पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्तियों को शामिल किया गया है। कॉलेजियम ने छह अगस्त को इसको लेकर बैठक की थी।
न्यायिक पदोन्नति इस प्रकार होगी
पटना हाई कोर्ट: दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यरत न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव को पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है।
कलकत्ता हाई कोर्ट: बॉम्बे उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायमूर्ति रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालने का प्रस्ताव दिया गया है।
बॉम्बे हाई कोर्ट: इलाहाबाद हाई कोर्ट में वर्तमान में न्यायाधीश जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत करने की सिफारिश की गई है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय: जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा, जिनका मूल उच्च न्यायालय इलाहाबाद है और जो वर्तमान में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में कार्यरत हैं। उनको इसके स्थायी मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया गया है।
| क्र. सं. | न्यायाधीश का नाम | वर्तमान हाई कोर्ट | अनुशंसित हाई कोर्ट (मुख्य न्यायाधीश के रूप में) |
|---|---|---|---|
| 1. | जस्टिस वी. कामेश्वर राव | दिल्ली हाई कोर्ट | पटना हाई कोर्ट |
| 2. | जस्टिस रविंद्र वी. घुगे | बॉम्बे हाई कोर्ट | कलकत्ता हाई कोर्ट |
| 3. | जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी | इलाहाबाद हाई कोर्ट | बॉम्बे हाई कोर्ट |
| 4. | जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा | पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट (मूल हाई कोर्ट: इलाहाबाद) | पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट |
नियुक्ति प्रक्रिया का चरण
कॉलेजियम के औपचारिक प्रस्ताव के बाद प्रस्तावों पर संवैधानिक नियुक्ति प्रक्रिया के अनुसार अमल किया जाएगा।
केंद्रीय विधि मंत्रालय की समीक्षा: आधिकारिक सिफारिशें प्रशासनिक प्रक्रिया और मंजूरी के लिए विधि एवं न्याय मंत्रालय को भेजी जाती हैं।
कार्यकारी स्वीकृति: अंतिम कार्यकारी सहमति के लिए प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के माध्यम से आगे बढ़ते हैं।
राष्ट्रपति द्वारा होती है नियुक्ति: मंजूरी मिलने पर भारत के राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत आधिकारिक अधिसूचना जारी करके संबंधित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की औपचारिक नियुक्ति करते हैं।
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी कौन?
जस्टिस त्रिपाठी बॉम्बे हाई कोर्ट के 50वें मुख्य न्यायाधीश और इलाहाबाद से दूसरे मुख्य न्यायाधीश होंगे। न्यायमूर्ति त्रिपाठी ने 1990 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 11 जनवरी, 1992 को एक वकील के रूप में पंजीकरण कराया। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र दीवानी मुकदमों से संबंधित था। वे अक्टूबर 2007 से उत्तर प्रदेश राज्य के अतिरिक्त मुख्य स्थायी वकील के रूप में कार्यरत थे।
त्रिपाठी ने कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम, उत्तर प्रदेश खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम, आगरा विकास प्राधिकरण, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से भी वकील के रूप में पैरवी की है।
न्यायमूर्ति त्रिपाठी को 27 सितंबर, 2013 को उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। उन्हें 10 अप्रैल, 2015 को स्थायी न्यायाधीश बनाया गया था। वह उच्च न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं और उन्होंने इलाहाबाद स्थित उच्च न्यायालय की प्रधान पीठ की अध्यक्षता की है।
वर्तमान में न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे बॉम्बे उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्हें कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर पदोन्नति के लिए अनुशंसित किया गया है।
‘चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट न होना गंभीर मुद्दा’, हाई कोर्ट बोला- केंद्र और प्रशासन उठाएं जरूरी कदम
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह चंडीगढ़ में जल्द से जल्द एक पारिवारिक न्यायालय (Family Court) की स्थापना के लिए पर्याप्त कदम उठाए। अदालत ने कहा कि जनहित याचिका (PIL) में फैमिली कोर्ट नहीं होने को लेकर उठाई गई शिकायत गंभीर मुद्दा है। पढ़ें पूरी खबर।
