दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने रविवार को सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे मामले में आरोपी सुधांशु और शुभम को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस हादसे में सात छात्रों की मौत हो गई थी।
दोनों आरोपियों को दिन में पहले मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। पिछले दो दिनों से आरोपी पुलिस की हिरासत में थे।
दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित सत्य निकेतन में स्थित इमारत 6 सितंबर को उस समय ढह गई जब इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।
MCD ने तीन इंजीनियरों को निलंबित किया
इस बीच, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने गुरुवार को अपने भवन विभाग के एक सहायक अभियंता और दो कनिष्ठ अभियंताओं को अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करने में कथित लापरवाही और कर्तव्य की उपेक्षा के आरोप में निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई नगर निगम द्वारा इमारत गिरने की घटना के बाद अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित रहने तक दक्षिण जोन के उप आयुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों को निलंबित करने के कुछ दिनों बाद हुई है।
एमसीडी के एक बयान के अनुसार, गुरुवार को निलंबित किए गए लोगों में दक्षिण पश्चिम जोन (पूर्व में नजफगढ़ जोन) में तैनात सहायक अभियंता रविंदर कुमार और उसी जोन के कनिष्ठ अभियंता सुमन सौरभ और मोहित यादव शामिल हैं।
नगर निगम ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के मामले को संभालने में लापरवाही बरती है। सत्य निकेतन भवन के ढहने की घटना ने नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका और घटना से पहले कथित अनधिकृत निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई की जांच को प्रेरित किया था।
आरोपी शुभम त्यागी पांच मंजिला इमारत में हॉस्टल डेज़ नाम से एक पीजी चला रहा था। उसके साथ उसका सह-आरोपी सुधांशु लवनीश भी था, जिसे बुधवार को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि त्यागी इमारत गिरने की खबर मिलते ही रविवार से फरार था। शुक्रवार को त्यागी पुलिस स्टेशन पहुंचा और उसने आत्मसमर्पण कर दिया था।
हालांकि आरोपी ने पहले कथित तौर पर दावा किया था कि उसने पीजी संचालन में केवल वित्तीय योगदान दिया था, लेकिन जांचकर्ताओं ने पाया है कि इमारत को पिछले साल त्यागी और उसके साथी दोनों को पट्टे पर दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, इमारत की ऊपरी भूतल और पहली मंजिल लवनीश को पट्टे पर दी गई थी, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल त्यागी को पट्टे पर दी गई थी।
त्यागी इस मामले में गिरफ्तार होने वाला सातवां व्यक्ति है। लवनीश के अलावा, भवन मालिक हरिराम, उनकी पत्नी उर्मिला, उनके बेटे महेश और श्रम ठेकेदार सरोज को इस सप्ताह की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, भवन मालिक को केवल पहली और दूसरी मंजिल बनाने की अनुमति थी । बाद में तीन अतिरिक्त मंजिलें जोड़ी गईं। इसके अलावा, बेसमेंट में चल रहे निर्माण कार्य जो मालिक के अनुसार रिसाव की समस्या को दूर करने के लिए शुरू किया गया था। उसी की वजह से बिल्डिंग कमजोर हो गई थी।
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