कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को आरजी कर रेप मर्डर पीड़िता के अंतिम संस्कार से जुड़े विवाद की जांच खड़दह थाने की पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी। कोर्ट ने खड़दह थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज और जांच अधिकारी को फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने हाई कोर्ट की निगरानी में चल रही सीबीआई की विशेष जांच टीम की जांच में दखल दिया।
कोर्ट ने कहा कि एक ही मामले की जांच राज्य पुलिस और सीबीआई एक साथ नहीं कर सकतीं। गुरुवार को दोनों पुलिस अधिकारियों को कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने उन्हें मामले से जुड़े सभी दस्तावेज तुरंत सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया।
जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष की डिवीजन बेंच ने कहा, “कोर्ट के पहले के निर्देश के मुताबिक खड़दह थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज और जांच अधिकारी मौजूद हैं। उनके स्पष्टीकरण से हम संतुष्ट नहीं हैं। हम उन्हें भविष्य में अधिक सावधान रहने की चेतावनी देते हैं।
यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने 10 अगस्त को खड़दह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस ने एफआईआर में नामजद तीनों लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें पूर्व पानीहाटी विधायक निर्मल घोष भी शामिल हैं।
24 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट ने सवाल उठाया था कि जब 9 अगस्त 2024 के रेप और हत्या मामले के सभी पहलुओं की जांच हाई कोर्ट की निगरानी में सीबीआई कर रही है, तो राज्य पुलिस ने उसी घटना से जुड़े मामले की अलग जांच कैसे शुरू कर दी।
गुरुवार को हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सीबीआई और राज्य की एजेंसी दोनों एक साथ जांच आगे नहीं बढ़ा सकतीं।
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि खड़दह थाने का जांच अधिकारी अब इस मामले में कोई और कार्रवाई नहीं करेगा और कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, सीबीआई की ओर से जांच कर रही एसआईटी को सभी रिकॉर्ड सौंप देगा। हाई कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तार किए गए और हिरासत में रखे गए लोगों को आगे भी हिरासत में रखना जरूरी है या नहीं, इसका फैसला सीबीआई करेगी।
मुंबई से CJP का आज से हल्ला बोल, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; फड़नवीस को दीपके की चुनौती
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) रविवार (2 अक्टूबर) को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की शुरुआत करेगा। प्रदर्शन में मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की होगी। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके पिछले कई दिनों से लगातार सीईसी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर।
