दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को आदेश दिया कि आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की उस सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग हटा दी जाए, जिसमें वे जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने खुद पेश होकर अपने मामले से जज को अलग करने की मांग पर बहस कर रहे थे।
कोर्ट ने केजरीवाल, पत्रकार रवीश कुमार और वीडियो अपलोड करने वाले अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, हाई कोर्ट ने फेसबुक, गूगल और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सर्च इंजनों को भी निर्देश दिया कि वे आबकारी नीति मामले की उस पूरी सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग हटा दें।
बता दें, मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत कई लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई है। दायर याचिका में अरविंद केजरीवाल, पत्रकार रविश कुमार और कई नेताओं के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन्होंने सोशल मीडिया पर कोर्ट की कार्यवाही की रिकार्डिंग पब्लिश की थी, जब अरविंद केजरीवाल, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने उन्हें (जस्टिस स्वर्णकांता) खुद को केस से अलग करने वाली अर्जी पर बहस कर रहे थे। याचिका में अरविंद केजरीवाल और रवीश कुमार के अलावा, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, आप नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, साथ ही संजीव झा, पुरनदीप साहनी, जरनैल सिंह, मुकेश अहलावत और विनय मिश्रा के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई थी।
दिल्ली की शराब नीति केस से जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को हटाने की अरविंद केजरीवाल और अन्य की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। याचिका पर खुद सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा था कि कोर्ट धारणाओं का मंच नहीं हो सकता, अगर यह कोर्ट बिना किसी ठोस कारण के इस मामले से हटती है तो इससे उन आरोपों को मजबूती मिल जाएगी जिनका कोई ठोस आधार नहीं है।
जस्टिस स्वर्ण कांता ने कहा था कि याचिकाओं में दिए गए तर्क अटकलों पर आधारित हैं, अगर हम स्वीकार करें तो या एक परेशानी वाला मिसाल बनेगा। आगे उन्होंने कहा, “मैंने अपने सामने आए सभी सवालों पर निडर होकर फैसला किया है, इस कोर्ट को आरोपों और इशारों के बोझ से दबाया नहीं जा सकता। कोर्ट जब भी जरूरत होगी, अपने लिए खड़ी होगी, यह भले ही मुश्किल क्यों न लगे। ऐसे में मामले से हटना समझदारी नहीं बल्कि अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ने और सरेंडर करने जैसा होगा।”
राम अवतार जग्गी मर्डर केस: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम के बेटे को बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी, जिसमें अमित जोगी को राकांपा नेता राम अवतार जग्गी की 2003 में हुई हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। पढ़ें पूरी खबर।
