पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने न्यायिक अधिकारी राजीव गोयल को सस्पेंड कर दिया है। राजीव गोयल कैथल जिला कोर्ट में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के पद पर तैनात थे। सस्पेंशन के आदेश में कोई खास वजह नहीं बताई गई है। हालांकि, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी किए गए एक पेज के इस आदेश से यह संकेत मिलता है कि यह मामला उस समय से जुड़ा है जब गोयल पंचकूला में सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज के तौर पर तैनात थे।

रजिस्ट्रार जनरल की तरफ से 29 मई को आदेश जारी किया गया। इसमें कहा गया, “माननीय मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों ने, भारत के संविधान के अनुच्छेद 225 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए (जिसे हरियाणा सिविल सर्विसेज (सजा और अपील) नियम, 2016 के नियम 4(b) के साथ पढ़ा जाए), श्री राजीव गोयल (जो उस समय CBI कोर्ट, पंचकूला के स्पेशल जज थे और अब कैथल में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज के तौर पर तैनात हैं) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की संभावना को देखते हुए की गई है।”

आदेश में क्या-क्या कहा गया?

आदेश में आगे कहा गया है, “सस्पेंशन की अवधि के दौरान, श्री राजीव गोयल का मुख्यालय कैथल में रहेगा। इस दौरान वे कैथल के डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज की पहले से अनुमति लिए बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। श्री राजीव गोयल को सस्पेंशन की तारीख से, हरियाणा सिविल सर्विस (सामान्य) नियम, 2016 के अध्याय VII के तहत बनाए गए नियमों के अनुसार, उतनी ही ‘सब्सिस्टेंस अलाउंस’ (जीवन-निर्वाह भत्ता) मिलेगी जितनी उन्हें तब मिलती जब वे ‘हाफ-पे’ (आधे वेतन) पर छुट्टी पर होते, इसके अलावा, यदि वे किसी अन्य भत्ते के हकदार हैं, तो वे भत्ते भी उन्हें इसी ‘लीव सैलरी’ (छुट्टी के वेतन) के आधार पर दिए जाएंगे।”

सुधीर परमार को भी किया गया था सस्पेंड

गोयल से पहले, पंचकूला में सीबीआई कोर्ट के स्पेशल जज के पद पर सुधीर परमार तैनात थे। अप्रैल 2023 में, हरियाणा एसीबी द्वारा उनके आवास पर छापेमारी किए जाने के बाद, हाई कोर्ट ने उन्हें भी सस्पेंड कर दिया था।

परमार के आवास पर यह छापेमारी भ्रष्टाचार के आरोपों और एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद की गई थी। इस रिकॉर्डिंग में आरोप लगाया गया था कि परमार कथित तौर पर रियल-एस्टेट डेवलपर्स के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे थे। पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट उन सभी मामलों की न्यायिक सुनवाई करती है, जिनकी जांच सीबीआई पूरे हरियाणा में करती है। परमार के निलंबन के बाद गोयल ने सीबीआई कोर्ट में विशेष न्यायाधीश का पदभार संभाला। 23 अप्रैल, 2026 को गोयल का ट्रांसफर कैथल कर दिया गया।

मद्रास हाई कोर्ट ने मंदिरों में VIP दर्शन पर उठाए सवाल

मद्रास हाई कोर्ट ने शुक्रवार को टिप्पणी करते हुए कहा कि हिंदू मंदिरों में सशुल्क वीआईपी दर्शन गलत और भेदभावपूर्ण है। न्यायालय ने कहा कि गिरजाघरों और मस्जिदों में ऐसी कोई प्रथा नहीं अपनाई जाती है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…