पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चरखी दादरी जिले के एक गांव में पत्थर खनन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि पर्यावरण के नियमों का घोर उल्लंघन होने के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों की लूट और डकैती की जा रही है।

जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने गांव पिचोपा कलां की स्थिति को पर्यावरण के लिए बेहद गंभीर बताया।

इस मामले में गांव पिचोपा कलां के लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका दायर करने वालों में धर्मपाल स्टोन क्रेशर के संचालक भी शामिल हैं। याचिका में कहा गया था कि निजी पट्टेदार जय दादा दोहला स्टोन माइंस ने उन्हें स्वीकृत किए गए क्षेत्र से कहीं ज्यादा इलाके में अंधाधुंध और अवैध खनन किया है।

‘माता-पिता के पास बच्चों से बात करने का समय नहीं होता’

छोटी-छोटी पहाड़ियां हो गई गायब

याचिका में यह भी कहा गया था कि इस वजह से बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान हुआ है। याचिका के साथ कुछ तस्वीरें भी लगाई गई थी। तस्वीरों के जरिये बताया गया था कि जमीन पर से छोटी-छोटी पहाड़ियां पूरी तरह गायब हो गई हैं।

इस मामले में खनन अधिकारी की रिपोर्ट के बाद हाईकोर्ट ने एडवोकेट कंवल गोयल को इस मामले में कमिश्नर नियुक्त किया था। एडवोकेट कंवल गोयल ने इस इलाके का निरीक्षण किया और उन्होंने जो रिपोर्ट अदालत को सौंपी, उसमें याचिकाकर्ताओं के आरोपों की पुष्टि हुई।

अदालत ने कहा कि राजस्व के रिकॉर्ड में यह जमीन “गैर मुमकिन पहाड़” (खेती योग्य न होने वाली पहाड़ी) के रूप में दर्ज है और यह अरावली के इलाके में आती है।

‘हमें इसे पुलिस स्टेट नहीं बनने देना है’, पैरों में गोली मारने की प्रथा पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त

पर्यावरण मंजूरी की शर्तों के अनुसार हर साल 600 पेड़ों का रोपण (दस सालों में कुल मिलाकर कम से कम 6,000 पेड़), ग्रीन बेल्ट विकसित करने, बेंच बनाने और भूजल स्तर से तीन मीटर ऊपर तक खनन पर प्रतिबंध जैसी शर्तों का लगभग कोई पालन नहीं किया गया।

बेंच ने कहा, “जो सामने दिखता है, वह चौंकाने वाला है। पहली नजर में यह पर्यावरण मंजूरी प्रमाण पत्र और खनन योजना में निहित पर्यावरणीय मानदंडों का घोर उल्लंघन लगता है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की लूट हो रही है।”

हरियाणा के मुख्य सचिव दें हलफनामा

अदालत ने राज्य सरकार के अफसरों की लापरवाही पर भी सवाल उठाए और कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने हरियाणा के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा, जिसमें यह स्पष्ट हो कि राज्य पर्यावरण की इस व्यापक लूट से कैसे निपटेगा और किस तरह दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करेगा।

दिल्ली दंगों के आरोपी खालिद सैफी को अदालत ने किन शर्तों के साथ दी जमानत?