बिहार के पंचायती राज मंत्री के तौर पर दीपक प्रकाश की दोबारा नियुक्ति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि प्रकाश राज्य विधानसभा के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं और इसलिए वे राज्य सरकार के मंत्रालय में कोई पद नहीं संभाल सकते।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) के अनुसार, कोई व्यक्ति जो विधायक नहीं है, वह लगातार छह महीने तक मंत्री रह सकता है, लेकिन इस दौरान उसे राज्य विधानसभा की सदस्यता हासिल करनी होगी। यह छूट केवल एक बार मिलने वाला मौका है और सरकार बदलने पर इसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

याचिका के अनुसार, प्रकाश को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 20 नवंबर, 2025 को मंत्री बनाया था, जबकि वे विधानसभा के सदस्य नहीं थे। 15 अप्रैल, 2026 को नीतीश कुमार सरकार गिर गई, जिससे मंत्रिपरिषद भंग हो गई। इसके बाद, 22 दिनों के अंतराल के बाद 7 मई, 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने प्रकाश को फिर से मंत्री नियुक्त किया।

छह महीने का वक्त खत्म हो चुका- याचिकाकर्ता

20 नवंबर, 2025 को पहली नियुक्ति से दोबारा चुने जाने के लिए 6 महीने का समय 20 मई, 2026 को खत्म हो गया था। याचिका में तर्क दिया गया है कि दोबारा नियुक्ति संवैधानिक शक्ति का एक दिखावटी इस्तेमाल है, जिसका मकसद गैर-विधायकों को मिलने वाले छह महीने के संवैधानिक ग्रेस पीरियड को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ाना है।

याचिका में क्या मांग की गई?

एस.आर. चौधरी बनाम पंजाब राज्य (2001) का हवाला देते हुए, याचिकाकर्ता ने कहा, “याचिकाकर्ता का तर्क है कि आर्टिकल 164(4) के तहत छह महीने का छूट उसी विधानसभा के कार्यकाल के दौरान रिन्यू नहीं किया जा सकता और न ही दोबारा शुरू किया जा सकता है और इसे इस्तीफे, कैबिनेट में फेरबदल, मुख्यमंत्री बदलने, मंत्रालय भंग करने या दोबारा नियुक्ति के जरिये रीसेट नहीं किया जा सकता है।”

याचिकाकर्ता ने आगे तर्क दिया है कि बिना चुने हुए लोगों को बार-बार मंत्री पद पर नियुक्त करने से संसदीय लोकतंत्र, प्रतिनिधि सरकार, सामूहिक जिम्मेदारी और चुनावी जवाबदेही के सिद्धांत कमजोर होंगे। याचिका में कोर्ट से कहा गया है कि वह प्रकाश से उस संवैधानिक अधिकार का खुलासा करने के लिए कहे जिसके तहत वह मंत्री पद पर बने हुए हैं और उनकी दोबारा नियुक्ति को असंवैधानिक और अमान्य घोषित करे।

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37 वर्षीय दीपक प्रकाश ने एमआईटी, मणिपाल से कंप्यूटर साइंस में बीटेक (2011) पूरा किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद दीपक ने साल 2011 से 2013 तक साफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य किया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…