कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के संबंध में तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया। खेड़ा ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया था कि असम सीएम की पत्नी के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री की पत्नी ने पवन खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
असम सीएम की पत्नी ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। जिनमें चुनाव के दौरान झूठे बयान देना, धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और जानबूझकर अपमान करना शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, असम पुलिस के अधिकारी जांच के सिलसिले में खेड़ा का पता लगाने के लिए हैदराबाद गए थे। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं।
पवन खेड़ा कांग्रेस पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष हैं। वे कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य भी हैं। उनके खिलाफ एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 175, 35, 36, 318, 337, 338, 340, 352 और 356 का उल्लेख किया गया है, जिनमें चुनाव से संबंधित झूठे बयान, धोखाधड़ी, मूल्यवान दस्तावेजों और सार्वजनिक अभिलेखों की जालसाजी, जाली दस्तावेजों का उपयोग, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना और मानहानि जैसे अपराध शामिल हैं।
इससे पहले, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनावी राज्य असम में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। जब उन्होंने आरोप लगाया था कि हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट हैं। उन्होंने सवाल उठाया था कि असम के मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी हलफनामे में इसका खुलासा क्यों नहीं किया।
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि आरोप लगाने से पहले खेड़ा को तथ्यों की पुष्टि कर लेनी चाहिए थी। सरमा ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी आरोप लगाने से पहले खेड़ा को विदेश मंत्री से परामर्श लेना चाहिए था।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सरमा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भी आलोचना की और कहा कि उनकी उम्र के बावजूद उनके बयान तर्कहीन प्रतीत होते हैं। उन्होंने आगे कहा कि असम पुलिस इस मामले की गहन जांच करेगी।
सरमा ने दावा किया कि असम पुलिस सुदूरतम स्थानों से भी लोगों का पता लगाने में सक्षम है, जो उनकी गहन जांच का प्रमाण है। उन्होंने संकेत दिया कि राहुल गांधी ने मामले से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए होंगे और यह भी बताया कि जांच गांधी तक भी पहुंच सकती है। सरमा ने अधिकारियों को धमकाने के प्रयासों के खिलाफ चेतावनी दी।
उन्होंने आगे कहा कि असम का आक्रमणों का प्रतिरोध करने का एक लंबा इतिहास रहा है। असम के लोगों ने इस्लामी आक्रमणों के खिलाफ जंग लड़ी है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पुलिस की इस कार्रवाई को पवन खेड़ा को निशाना बनाकर की गई बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने तर्क दिया कि जनहित के सवाल उठाने के लिए खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों को तैनात करना दर्शाता है कि असम के मुख्यमंत्री परेशान और हताश हैं।
इसी बीच, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने पुलिस कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि खेड़ा ने एक निजी व्यक्ति के खिलाफ आरोप लगाए थे और तर्क दिया कि आरोपियों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए था। तिवारी ने आगे कहा कि असम पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने से पहले प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करनी चाहिए थी, जांच करनी चाहिए थी और उनके पास मौजूद जानकारी के बारे में कांग्रेस नेताओं से परामर्श करना चाहिए था।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर जो धाराएं लगी हैं, जानें उनके तहत कितनी सजा हो सकती है?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनके परिवार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां के पास एक नहीं तीन पासपोर्ट है। तीनों लिविंग पासपोर्ट हैं। जिसमें अबू धाबी, इजिप्ट और तीसरा एंटीगुआ बारबुडा का है। जिनका मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में जिक्र नहीं किया गया। पढ़ें पूरी खबर।
