दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सीतारमण के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि का मुकदमा खारिज कर दिया है। यह केस आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा की शिकायत पर दर्ज हुआ था।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, राउज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) पारस दलाल ने कहा कि मामले को आगे बढ़ाने का कोई कारण नहीं है। न्यायाधीश ने आगे कहा कि शिकायत खारिज की जाती है।

लिपिका मित्रा ने सीतारमण पर 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान उनके और सोमनाथ भारती के खिलाफ “प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मानहानिकारक, अपमानजनक और बदनामी भरी टिप्पणियां करने और प्रकाशित करने” का आरोप लगाया था। आरोप लगाया था कि राजनीतिक लाभ के लिए, भाजपा के नेता ने मित्रा और भारती के बीच कथित वैवाहिक कलह के बारे में गलत बयान दिए थे। कोर्ट ने इस मामले में मई 2025 में नोटिस जारी किया था।

सोमनाथ भारती 2024 के चुनावों में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवार थे। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया था कि सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारती के खिलाफ अपमानजनक बयान देकर चुनाव जीतने की उनकी संभावनाओं को कमजोर करने की कोशिश की थी।

मित्रा ने शिकायत में कहा था, “लगभग हर दंपत्ति की तरह, शिकायतकर्ता और उसके पति के बीच कुछ मुद्दे होते है, जो दुर्भाग्यवश हद से ज्यादा बढ़ गए और मीडिया ट्रायल आदि का रूप ले लिया। लेकिन परिवार के शुभचिंतकों की कृपा से, मामला अंततः 7 मई, 2019 को सुलझ गया। तब से शिकायतकर्ता और उसके पति सोमनाथ भारती अपने बच्चों के साथ खुशी से रह रहे हैं। यह तथ्य मीडिया में व्यापक रूप से प्रकाशित हुआ था और सभी को इसकी जानकारी थी। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, केवल शिकायतकर्ता और उसके पति को अपमानित करने के इरादे से ताकि भाजपा के उम्मीदवार को राजनीतिक लाभ हो और 2024 के लोकसभा चुनाव में शिकायतकर्ता के पति को राजनीतिक नुकसान हो, आरोपी ने शिकायतकर्ता और उसके पति के वैवाहिक कलह के बारे में बात की, लेकिन उनके पुनर्मिलन और खुशी से साथ रहने की जानकारी को छुपाया।”

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सीतारमण के बयान उनके पति की प्रतिष्ठा को धूमिल करने और समाज में उनकी सामाजिक स्थिति और सद्भावना को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दिए गए थे। सोमनाथ भारती, जो स्वयं भी वकील हैं। वो अपनी पत्नी की ओर से पेश हुए।

SIR: ‘पश्चिम बंगाल में 47 लाख आपत्तियों का निपटारा किया जा चुका’, कलकत्ता हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को पश्चिम बंगाल विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अहम जानकारी दी है। हाई कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के चल रहे SIR में प्राप्त 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक किया जा चुका है। पढ़ें पूरी खबर।