बेंगलुरु की एक स्पेशल कोर्ट ने हसन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में एसआईटी को बड़ा निर्देश दिया है। मामले की एक अहम गवाह ने अदालत में दावा किया कि उसे धमकी भरे फोन कॉल आ रहे हैं। 43 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता, जो इस केस में अभियोजन पक्ष की गवाह हैं। उन्होंने यह आरोप अपनी जिरह के दौरान कोर्ट के सामने रखा।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, गवाह के आरोप को गंभीरता से लेते हुए सेशन कोर्ट के जज शिवप्रसाद केबी ने एसआईटी को मामले की जांच करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने न सिर्फ धमकी भरे कॉल्स की जांच के निर्देश दिए हैं, बल्कि गवाह को सुरक्षा मुहैया कराने को भी कहा है।
अदालत ने एसआईटी से अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। अब सबकी नजर एसआईटी की जांच और उसकी रिपोर्ट पर टिकी है, क्योंकि यह मामला पहले से ही बेहद संवेदनशील और चर्चित है।
कोर्ट की ओर से एसआईटी प्रमुख और एडीजीपी को भेजे गए संचार के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता का मुख्य परीक्षण 6 जुलाई 2026 को हुआ था। 20 अगस्त को जिरह के दौरान उन्होंने अदालत को बताया कि गवाही के बाद उन्हें फोन पर धमकियां मिलीं।
गवाह ने अदालत में यह भी कहा कि अगर उनके या उनके बेटे के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके लिए प्रज्वल रेवन्ना जिम्मेदार होंगे। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सेशन कोर्ट ने एसआईटी को मामले की जांच करने और कानून के मुताबिक गवाह को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने अगली सुनवाई तक रिपोर्ट भी मांगी है।
बता दें, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना 2019 से 2024 तक कर्नाटक की हसन से लोकसभा सांसद रहे थे। मई 2024 में उन्हें कई यौन उत्पीड़न मामलों में गिरफ्तार किया गया था। अगस्त 2025 में एक दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद विशेष अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। फिलहाल वे परप्पना अग्रहारा जेल में बंद हैं।
जिस मामले की सुनवाई चल रही है, उसमें एक घरेलू सहायिका के यौन उत्पीड़न का आरोप है। इस मामले में एसआईटी ने 100 से ज्यादा गवाहों को सूचीबद्ध किया है। फिलहाल अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं और पीडब्ल्यू-4 चौथी गवाह हैं जिनकी गवाही हुई है।
मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2026 को होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अशोक नाइक पैरवी कर रहे हैं। उधर, हाल ही में केंद्रीय अपराध शाखा यानी CCB ने परप्पना अग्रहारा जेल में प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक मोबाइल फोन, चार्जर, पेन ड्राइव और नोट्स वाली डायरी भी बरामद की थी, जिसके बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं।
BCI में बढ़ी अंदरूनी कलह, सह-अध्यक्ष वाईआर सदाशिवा रेड्डी ने मनन मिश्रा का मांगा इस्तीफा
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे को लेकर मांग तेज होती जा रही है। अब सीनियर वकील और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के सह-अध्यक्ष वाईआर सदाशिवा रेड्डी (BCI CO-Chair YR Sadasiva Reddy) ने बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को पत्र लिखकर उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर।
