दिल्ली में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामलों की सुनवाई कर रहीं स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलिगा का ट्रांसफर कर दिया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इनका ट्रांसफर राउज एवेन्यू कोर्ट में कर दिया है। जहां वे अब UAPA, NIA एक्ट, NDPS एक्ट और MCOCA जैसे मामलों की सुनवाई करेंगी। हाल ही में नीट यूजी 2026 पेपर लीक को लेकर हुए छात्रों के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बना था।

यह बदलाव दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से 138 DHJS जजों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादले और पोस्टिंग का हिस्सा है; इनमें राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट में UAPA, NIA एक्ट, NDPS एक्ट और MCOCA मामलों को देखने के लिए नियुक्त 13 जज भी शामिल हैं।

कौन करेगा अब इस मामले की सुनवाई?

स्पेशल फास्ट-ट्रैक कोर्ट में NEET UG 2026 पेपर लीक मामलों की सुनवाई कर रहीं स्पेशल जज अनु ग्रोवर बलिगा का तबादले के बाद अब इसका जिम्मा स्पेशल जज अजय गुप्ता को सौंपा गया है यानी इन मामलों की सुनवाई अब जज अजय गुप्ता करेंगे।

6 जजों का ट्रांसफर राउज एवेन्यू कोर्ट में

इसके अलावा, हाई कोर्ट ने अनु ग्रोवर बलिगा के अलावा 5 अन्य जजों का भी ट्रांसफर राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल एक्सक्लूसिव NIA जज के तौर पर किया है इसमें जज विकास ढुल, प्रशांत शर्मा, अमित बंसल, किरण बंसल और पुलस्त्य प्रमाचल के नाम शामिल हैं।

हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक, ये जज 4 अगस्त से राउज एवेन्यू में स्पेशल एक्सक्लूसिव NIA कोर्ट का कामकाज संभालेंगे। राउज एवेन्यू कोर्ट में नए NIA कोर्ट बनाए गए हैं, इन कोर्ट का उद्घाटन सोमवार को होना है।

MCOCA और NDPS के तहत आने वाले कोर्ट भी शिफ्ट

इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज़्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) और NDPS के तहत आने वाले कोर्ट को भी राउज एवेन्यू कोर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे पहले, NIA कोर्ट पटियाला हाउस कोर्ट में थे। MCOCA और NDPS कोर्ट दिल्ली की सभी जिला अदालतों से काम कर रहे थे।

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केरल हाई कोर्ट ने ओबीसी (OBC) वर्ग के नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाणपत्र को लेकर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि यदि प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत माता-पिता की आय और संपत्ति निर्धारित सीमा से अधिक है, तो उनके बच्चों को नॉन-क्रीमी लेयर का लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने NEET UG 2026 और KEAM 2026 में प्रवेश के लिए NCL प्रमाणपत्र मांगने वाले दो 17 वर्षीय छात्रों की याचिकाएं खारिज कर दीं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें