कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत दे दी। अदालत ने उन पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं और 21 अक्टूबर को हल्दिया की अदालत में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।

पुलिस ने प्रधान को 18 सितंबर को 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े हत्या के मामलों में गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही पूर्व पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया था।

ममता बनर्जी ने यह घोषणा तब की थी जब नंदीग्राम से तृणमूल कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था।

मिलन प्रधान नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं और उन्हें तृणमूल कांग्रेस का समर्थन भी मिला है। उनकी गिरफ्तारी 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों के कारण हुई है।

गुरुवार को मिली थी अदालत से राहत

आपको बता दें कि अदालत ने पिछले सप्ताह गुरुवार को आदेश दिया था कि मिलन प्रधान को 2007 के एक मामले में गिरफ्तार नहीं माना जाए। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह 12 अक्टूबर तक इस मामले में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई ना करे।

उपचुनाव के बीच हुई गिरफ्तारी

प्रधान को शुरुआत में नंदीग्राम थाने में दर्ज 2007 के तीन अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था। ये मामले भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े हैं। उन्हें इन मामलों में 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद पुलिस ने खेजुरी और नंदीग्राम थानों में दर्ज दो अन्य मामलों में भी गिरफ्तारी वारंट पेश किए।

प्रधान की गिरफ्तारी के कुछ घंटे पहले पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान किया था कि उनकी पार्टी का गुट नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देगा। इससे पहले उनके गुट ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया था।

नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है। यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देकर भवानीपुर सीट बरकरार रखने के बाद खाली हुई थी। इस साल की शुरुआत में राज्य में सत्ता में आने के बाद यह सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए एक प्रमुख चुनावी परीक्षा मानी जा रही है।

बीजेपी ने इस सीट से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक थे जिनकी मई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बंगाल उपचुनाव में क्या हो रहा है? नंदीग्राम-रेजीनगर में चुनावी जंग के बीच गिरफ्तारी और दबाव के आरोप

पश्चिम बंगाल में इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने के बाद बीजेपी पहली बार किसी चुनावी परीक्षा से गुजर रही है। इस बीच विपक्ष के सामने दो अहम सीटों- नंदीग्राम और रेजीनगर पर मुश्किलें बढ़ गई हैं। उम्मीदवारों के नाम वापस लेने, गिरफ्तारियों और विपक्षी कार्यकर्ताओं पर पुलिस दबाव के आरोपों के बीच इन दोनों सीटों पर मुकाबला चुनौतीपूर्ण हो गया है।