बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को पद से हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में उनके 10 साल से ज्यादा पद पर बने रहने को लेकर सवाल खड़ा किया गया है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की वकील योगमाया एमजी द्वारा दायर याचिका में मनन मिश्रा के बीसीआई अध्यक्ष के रूप में लगातार बने रहने को चुनौती दी गई है। जिसमें तर्क दिया गया है कि बीसीआई नियम 12(2) अध्यक्ष के कार्यकाल को दो वर्ष तक सीमित करता है और अप्रैल 2025 की राजपत्र अधिसूचना द्वारा उनके कार्यकाल को 2030 तक बढ़ाना कानून के विपरीत है।
याचिका में मनन मिश्रा को पद से हटाने के साथ-साथ अदालत की देखरेख में नए सिरे से चुनाव कराने, संचयी कार्यकाल सीमा और पद के लिए रोटेशन सिस्टम की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने BCI ट्रस्ट ‘PEARL-FIRST’ और ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन से जुड़े वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग भी की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि अगर सुप्रीम कोर्ट मनन मिश्रा को पद से हटाने का आदेश देता है, तो BCI के कामकाज को संभालने के लिए एक स्वतंत्र प्रशासनिक समिति बनाई जाए। यह याचिका अधिवक्ता दीपक प्रकाश के माध्यम से दाखिल की गई है।
गुरुवार को वकीलों ने बीसीआई दफ्तर का घेराव किया था। इस दौरान वकीलों ने मनन मिश्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। प्रदर्शनकारी वकीलों का कहना था कि जब मनन मिश्रा इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनकी यह मांग जारी रहेगी।
बीसीडी अध्यक्ष रमन शर्मा में की अगुवाई में कई वकीलों ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। वकीलों की भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस की तरफ से काफी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था। प्रदर्शन में शामिल वकीलों का कहना था कि मनन मिश्रा ने बीसीआई चीफ रहते हुए वकीलों के हित के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए। कई वकीलों का यह भी कहना था कि फोन करने पर भी वह जवाब नहीं देते।
प्रदर्शन कर रहे वकील का गुट इसी दौरान बीसीआई दफ्तर के अंदर घुस गया और मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग पर अड़ गया। इस दौरान वकीलों और बीसीआई के वाइस चेयरमैन से वकीलों की गर्मागर्म बहस भी देखने को मिली। इस दौरान वकील परिसर के अंदर ही धरने पर बैठ गए और मनन मिश्रा इस्तीफा दो… के नारे लगाने। हालात को देखते हुए परिसर के अंदर काफी संख्या में पुलिस बल भी तैनात था। बता दें, मनन मिश्रा नालसार विश्विद्यालय के स्टूडेंट्स के खिलाफ बीसीआई द्वारा जारी किए गए लेटर के बाद विवादों में घिरे हैं। इसके लिए उन्हें सीजेआई सूर्यकांत भी फटकार लगा चुके हैं।
हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी विवाद के कुछ दिनों बाद वकीलों के एक समूह ने गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दफ्तर के बाहर मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन बीसीआई के उस आदेश के खिलाफ था, जिसमें NALSAR विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट हो रहे बैच के एनरोलमेंट को रोकने के लिए कहा गया था। हालांकि, अब यह आदेश वापस ले लिया गया है। पढ़ें पूरी खबर।
