तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को सरकारी आवास से कथित तौर पर बेदखल किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तत्काल सुनवाई और हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।

महुआ मोइत्रा की ओर से अदालत में पेश वकील ने आरोप लगाया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में उन्हें आवंटित सरकारी आवास से स्थानीय अधिकारियों ने रात करीब 11 बजे उन्हें बेदखल कर दिया। वकील के मुताबिक, इस कार्रवाई में जिला मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट भी शामिल थे।

महुआ मोइत्रा की ओर से पेश वकील ने बताया कि कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली महुआ मोइत्रा को उनके निर्वाचन क्षेत्र में आवंटित सरकारी आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा वी. मोहना की पीठ के समक्ष वकील ने कहा, ”क्या मैं एक मौजूदा महिला सांसद की ओर से दायर अनुच्छेद 32 की याचिका का उल्लेख कर सकता हूं जिन्हें उनके निर्वाचन क्षेत्र में स्थानीय अधिकारियों, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट ने आधी रात के वक्त सरकारी आवास से बेदखल कर दिया।”

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 32 नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के संरक्षण और उनके उल्लंघन की स्थिति में सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का अधिकार देता है।

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई का आरोप

सुप्रीम कोर्ट में महुआ मोइत्रा की ओर से दलील दी गई कि हाईकोर्ट पहले ही मामले में उन्हें संरक्षण देने वाला आदेश पारित कर चुका था। इसके बावजूद स्थानीय अधिकारियों ने देर रात उन्हें आवास से हटा दिया।

वकील ने कहा कि एक मौजूदा महिला सांसद के साथ इस तरह की कार्रवाई गंभीर मामला है और इसकी स्वतंत्र जांच की जरूरत है। उन्होंने मामले को संघवाद (Federalism) से जुड़ा महत्वपूर्ण संवैधानिक मुद्दा भी बताया।

सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग

महुआ मोइत्रा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में तत्काल सुनवाई और हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि अदालत ने फिलहाल इस मामले को तत्काल सुनने से इनकार कर दिया।

वकील का आरोप है कि जिस समय कार्रवाई की गई, उस वक्त हाईकोर्ट का संरक्षण देने वाला आदेश प्रभावी था। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सुनवाई का इंतजार है।

कोर्ट के बार-बार समन के बावजूद नहीं हुईं पेश

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कृष्णानगर की एक अदालत ने कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ बयानों से जुड़े मामले में बुधवार को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। अदालत ने यह कदम बार-बार समन जारी होने के बावजूद महुआ मोइत्रा के व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं होने पर उठाया है।