दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमीन के बदले नौकरी से जुड़े LARA प्रोजेक्ट मनी लॉन्ड्रिंग केस में औपचारिक रूप से आरोप तय करने की कार्यवाही शनिवार को टाल दी। अब मामले में अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।

मामले की सुनवाई के लिए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे। मामले के अन्य आरोपी भी अदालत में पेश हुए।

अदालत की कार्यवाही के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, “यह अदालत की प्रक्रिया के अनुसार है। हम लोग जितना सहयोग कर सकते हैं, करेंगे।”

आरोप तय करने की औपचारिक कार्यवाही टलने के बाद लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव कोर्ट परिसर से रवाना हो गए।

लालू यादव के वकील ने क्या कहा?

कोर्ट द्वारा सुनवाई 30 अक्टूबर तक टाले जाने पर लालू प्रसाद यादव के वकील वरुण जैन ने कहा कि कोर्ट ने पहले ही अपना आदेश पारित कर दिया था और आरोप तय करने की बात कही थी। आज आरोपों की औपचारिक रूप से फ्रेमिंग होनी थी। आदेश में लिखा है कि पिछली अदालत आरोप तय करके इस अदालत को भेजेगी।

उन्होंने कहा कि अब यह एक प्रक्रियात्मक मामला है। इसलिए कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है कि औपचारिक रूप से आरोप कैसे तय किए जाने हैं। ईडी 30 अक्टूबर को कोर्ट को इस बारे में जानकारी देगा।

लालू यादव की बीमारी के आधार पर उन्हें अदालत में पेशी से छूट देने की मांग पर वरुण जैन ने कहा कि कोर्ट ने इस संबंध में अनुमति दी है। कोर्ट ने ईडी से इसकी पुष्टि करने को कहा है। अगर 30 अक्टूबर को ही प्रक्रिया पूरी होती है तो लालू प्रसाद यादव उस दिन अदालत में पेश होंगे, अन्यथा अगले दिन पेश होंगे।

यह मामला कथित लैंड-फॉर-जॉब्स (जमीन के बदले नौकरी) मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है, जिसमें LARA Projects का नाम सामने आया है।

‘सब नालायक हैं इधर’, जमुई की घटना पर बोले तेजस्वी यादव; कहा- बिहार में ‘गुंडा राज’ कायम

जमुई की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था नहीं बची है। जब से सम्राट मुख्यमंत्री बने हैं, बिहार में पूरी तरह से ‘गुंडा राज’ कायम हो गया है।” तेजस्वी यादव ने कहा कि इस घटना में पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर।