केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को स्कूल शिक्षक गुरुप्रसाद राय के. के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। शिक्षक को उनके द्वारा तैयार किए गए एक क्विज़ प्रश्न को लेकर निलंबित किया गया था, जिसमें उन्होंने वी.डी. सावरकर को ब्रिटिश सरकार से ‘सबसे कठोर सजा’ पाने वाले स्वतंत्रता सेनानी के रूप में प्रस्तुत किया गया था।

बार एंड बेंच के अनुसार, ‘गुरुप्रसाद राय के. बनाम केरल राज्य’ नाम से दर्ज इस मामले में कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देते हुए शिक्षक के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति बीजू एब्राहम ने स्पष्ट किया कि निलंबन आदेश पर एक महीने के लिए रोक रहेगी, हालांकि उनके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रहेगी। न्यायमूर्ति ने कहा, “मैं एक महीने की अवधि के लिए निलंबन के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश पारित कर रहा हूँ। लेकिन मैं अनुशासनात्मक कार्यवाही को जारी रखने की अनुमति दे रहा हूँ।”

क्या है मामला

यह मामला कासरगोड के एक स्कूल क्विज़ के लिए तैयार किए गए प्रश्न से संबंधित है। क्विज़ के एक प्रश्न में कथित तौर पर पूछा गया था, “वह कौन से स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्हें अंग्रेजों से सबसे अधिक सजा मिली थी?” इसका सही उत्तर वी.डी. सावरकर दिया गया था।

केरल के शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने बाद में इसे इतिहास को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश करना बताया था और मामले की जांच के आदेश दिए थे। साथ ही प्रश्न तैयार करने वाले स्कूल शिक्षक को 9 अगस्त को निलंबित कर दिया गया।

बाद में शिक्षक ने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे राजनीति से प्रेरित और संबंधित नियमों का उल्लंघन बताया था। उन्होंने तर्क दिया कि उनका निलंबन केवल शिक्षा मंत्री के मौखिक निर्देशों के आधार पर किया गया था, जिसकी अनुमति नियमों के तहत नहीं है। राय ने कहा कि संबंधित प्रश्न और उत्तर में तथ्यात्मक रूप से कुछ भी गलत नहीं था। उन्हें केवल इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि यह उत्तर समाज के एक वर्ग को पसंद नहीं था।

इससे पहले, कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए मौखिक रूप से पूछा था कि क्या इस मामले में निलंबन आवश्यक था।

आदेश की विस्तृत कॉपी आना बाकी है।

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