बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग के बीच कर्नाटक राज्य बार काउंसिल ने सोमवार को उन्हें अपना समर्थन दिया है और मनन कुमार मिश्रा के कार्यकाल में हुए कामों की तारीफ भी की। मनन कुमार मिश्रा भाजपा के कोटे से राज्यसभा सांसद भी हैं।

कर्नाटक राज्य बार काउंसिल (KSBC) ने बेंगलुरु के सीनियर एडवोकेट वाई आर सदाशिव रेड्डी के उस पत्र की निंदा की, जिसमें उन्होंने मनन कुमार मिश्रा से अपने पद से इस्तीफा देने को कहा था।

KSBC ने बार काउंसिल के पूर्व सदस्य के पत्र की निंदा की

KSBC के नॉमिनेटेड चेयरमैन वी.डी.कमारड्डी ने एक बयान में कहा, “बार काउंसिल के पूर्व सदस्य वाई.आर. सदाशिव रेड्डी की ओर से 22 अगस्त को जारी किए गए पत्र को पूरी तरह से खारिज और उसकी निंदा करता है। पत्र में लगाए गए आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित और बेबुनियाद हैं, और इनका मकसद कानूनी बिरादरी के बीच बनावटी मतभेद पैदा करना है।”

‘वकीलों के कल्याण की पहलों को और मजबूत किया’

इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व में BCI ने लगातार इस पेशे की स्वायत्तता की रक्षा की है, वकीलों के कल्याण की पहलों को और मजबूत किया है, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया है और क्रिएटिविटी व लोकतांत्रिक बातचीत के जरिए संस्थागत मामलों को सॉल्व किया है।

मनन कुमार मिश्रा के विजन और नेतृत्व में एकजुट रहें- KSBC

बयान में वी.डी. कमारड्डी ने आगे कहा, “हम कर्नाटक और पूरे भारत के वकीलों से अपील करते हैं कि वे राजनीतिक रूप से प्रेरित भटकाने वाली बातों को खारिज करें और मनन कुमार मिश्रा के विजन और नेतृत्व में एकजुट रहें।”

शनिवार को लिखे अपने छह पन्नों के पत्र में वाई.आर. सदाशिव रेड्डी ने कहा था, “मेरे मन में मनन कुमार मिश्रा के प्रति कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। मैंने इस काउंसिल में एक दशक तक उनके साथ काम किया है। इतने समय तक इस संस्था को भीतर से देखने के बाद ही मैं पूरे यकीन के साथ यह कह सकता हूं कि जब तक आप अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे, तब तक इसमें सुधार नहीं हो पाएगा। अभी अपनी मर्जी से पद छोड़ना ही आपके पास एकमात्र ऐसा रास्ता है जिससे आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी।”

इस बीच, KSBC ने सोमवार को यह भी बताया कि सदाशिव रेड्डी ने हाल ही में हुए कर्नाटक राज्य बार काउंसिल के चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था और अब वे निर्वाचित सदस्य नहीं हैं।

क्यों मांगा जा रहा BCI चेयरमैन का इस्तीफा?

मनन कुमार मिश्रा उस दौरान विवादों में घिर गए जब उन्होंने 13 अगस्त को एक निर्देश जारी किया। जिसमें सभी राज्य बार काउंसिलों से कहा गया कि वे NALSAR के 2026 बैच के छात्रों का एनरोलमेंट न करें। उनका यह निर्देश NALSAR के लगभग 450 छात्रों की ओर से शुरू किए गए उस अभियान के बाद आया, जिसमें छात्रों ने NALSAR यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्य कांत को बुलाए जाने का विरोध किया था। मनन कुमार मिश्रा BCI चेयरमैन करीबन 12 सालों से कार्यरत हैं।

हालांकि मनन कुमार मिश्रा ने कुछ ही घंटों में अपना सर्कुलर वापस ले लिया और कहा कि BCI ने यह नतीजा निकालने के बाद कार्यवाही बंद कर दी है कि छात्रों की किसी भी गड़बड़ी या आंदोलन में कोई भूमिका नहीं थी।

मांगा जा रहा इस्तीफा

सदाशिव रेड्डी के अलावा, BCI की एग्जीक्यूटिव कमिटी के वाइस-चेयरमैन और सीनियर एडवोकेट मनोज कुमार एन ने शनिवार को BCI की जनरल काउंसिल की बैठक के दौरान मनन कुमार मिश्रा को हटाने की मांग की थी।

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बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे को लेकर मांग तेज होती जा रही है। अब सीनियर वकील और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के सह-अध्यक्ष वाईआर सदाशिवा रेड्डी (BCI CO-Chair YR Sadasiva Reddy) ने बीसीआई अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को पत्र लिखकर उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें