तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व प्रेमी और अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई का विवाद इस वक्त सुर्खियों में है। यह विवाद किसी प्रॉपर्टी या जमीना जायदाद को लेकर नहीं है, बल्कि उनके पालतू रॉटवाइलर कुत्ते हेनरी की कस्टडी को लेकर है। हालांकि, अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच चुका है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार को इस मामले को लेकर सुनवाई हुई। हाई कोर्ट ने कहा कि वह इस बात पर अगले सप्ताह फैसला करेगा कि क्या टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को अपने पालतू रॉटवाइलर कुत्ते हेनरी से मिलने की अनुमति दी जाए। हेनरी अभी महुआ मोइत्रा के पूर्व मित्र जय अनंत देहाद्रोई के पास है।
जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी। यह फैसला तब आया जब महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्राई, हेनरी से मिलने की व्यवस्था पर किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।
इससे पहले 7 जुलाई को कोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा था कि वे ऐसा कोई समाधान निकालें, जिससे महुआ मोइत्रा हेनरी से मिल सकें।
जस्टिस सिंह ने 7 जुलाई को कहा था, “समस्या क्या है? इन्हें एक घंटे के लिए पार्क में कुत्ते से मिलने दीजिए। मैं एक लोकल कमिश्नर नियुक्त कर दूंगा, जो कुत्ते को लेकर आएगा और वापस छोड़ देगा। हफ्ते में पांच घंटे मिलने का समय दे दीजिए, बस।”
बुधवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस सिंह ने जय अनंत देहाद्राई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पर्सिवल बिलिमोरिया से पूछा कि क्या वे महुआ मोइत्रा को हेनरी से मिलने देने पर सहमत हैं।
इस पर बिलिमोरिया ने कहा,“इसका सवाल ही नहीं उठता। यही तो हमारा पूरा मामला है।” उन्होंने आगे कहा, “इसके पीछे एक ठोस वजह है। कुत्ते के हित में कृपया मुझे यह समझाने दीजिए। मुझे धमकाने की कोशिश की गई। बाराखंबा रोड थाने के एसएचओ पांच पुलिसकर्मियों के साथ मेरे घर आए और कहा कि मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सबसे पहले तो यह आपराधिक धमकी (क्रिमिनल इंटिमिडेशन) का मामला है।”
महुआ मोइत्रा की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्येल त्रेहान ने अदालत को बताया कि इस मामले से जुड़ी शिकायत पहले ही वापस ली जा चुकी है। इस पर अदालत ने जय अनंत देहाद्राई की ओर से पेश वकील बिलिमोरिया से पूछा कि क्या वह किसी आपसी व्यवस्था के लिए तैयार हैं।
बिलिमोरिया ने कहा, “माई लॉर्ड, इसके पीछे एक वजह है। अगर मुझे अनुमति मिले तो…” हालांकि, अदालत ने कहा कि वह दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही फैसला करेगी। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह के लिए तय कर दी गई। दिल्ली हाईकोर्ट महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्रई, दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
बता दें, महुआ मोइत्रा ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है। जिसमें उन्हें हर महीने 10 दिनों के लिए अपने पालतू रॉटविलर कुत्ते हेनरी की अंतरिम अभिरक्षा (कस्टडी) देने से इनकार कर दिया गया था। वहीं, जय अनंत देहाद्रई ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें महुआ मोइत्रा की साझा कस्टडी (शेयर्ड कस्टडी) की मांग खारिज करने वाली उनकी याचिका को अदालत ने अस्वीकार कर दिया था।
महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्रई पिछले कुछ वर्षों से कई कानूनी विवादों में उलझे हुए हैं। देहाद्रई ने पहले आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा ने उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से संसद में सवाल पूछने के बदले रिश्वत ली थी। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की थी।
इन आरोपों के आधार पर लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की थी। इसके बाद 8 दिसंबर 2023 को उन्हें लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया था। महुआ मोइत्रा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि दर्शन हीरानंदानी उनके मित्र हैं और उनके बीच किसी तरह का ‘क्विड प्रो क्वो’ (लेन-देन के बदले फायदा) नहीं हुआ। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा बताया था।
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