गोवा की एक अदालत ने सेंट फ्रांसिस जेवियर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दक्षिणपंथी विचारधारा के समर्थक गौतम खट्टर को शनिवार को जमानत दे दी। वास्को के न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ने खट्टर को जमानत दे दी।
गौतम खट्टर फिलहाल सीने में दर्द के बाद गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें दो दिन पहले मापुसा में जिला अस्पताल से गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया था।
18 अप्रैल को आयोजित एक कार्यक्रम में सनातन महासंघ के संस्थापक खट्टर के बयान का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इस कार्यक्रम में राज्य के परिवहन मंत्री मौविन गोडिन्हो और भाजपा के विधायक संकल्प अमोनकर तथा दाजी (कृष्णा) सालकर मौजूद थे। सेंट फ्रांसिस जेवियर को गोवा का संरक्षक संत माना जाता है।
विवादित टिप्पणियों के बाद वास्को पुलिस ने खट्टर के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी और कुल्लू में स्थानीय पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था। बाद में उनकी हिरासत गोवा पुलिस के अपराध प्रकोष्ठ को सौंप दी गई थी। (भाषा)
‘किसी आदेश की जरूरत नहीं’, सुप्रीम कोर्ट से भी TMC को झटका, चुनाव आयोग के फैसले को दी थी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को टीएमसी की उस याचिका पर सुनावई की, जिसमें ममता की पार्टी ने चुनाव आयोग के उस फैसले पर रोक लगाने की मांग की है। जिसमें मतगणना पर्यवेक्षकों के तौर पर सिर्फ केंद्रीय कर्मचारी या PSU स्टाफ रखने की बात कही गई है। TMC ने इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने आपत्ति खारिज करते हुए कहा था कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसमें कोई अवैधता नहीं है। पढ़ें पूरी खबर।
