कर्नाटक के संभावित मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को बेंगलुरु कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनको विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने 2017 के एक कर चोरी मामले (Tax Evasion Case) में ‘समानता के सिद्धांत’ का हवाला देते हुए दो साल की अवधि के लिए डीके को विदेश यात्रा की इजाजत दी है। क्योंकि इसी मामले में एक सह-आरोपी को पहले ही इसी तरह की अनुमति दी जा चुकी है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु के 12वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के.एन. शिवकुमार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार किया। जो अदालत में लंबित मामले में आरोपी नंबर 1 हैं। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा की अनुमति मांगने के लिए बताए गए आधार सही प्रतीत होते हैं।

अदालत ने 15 मई के आदेश में कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि डीके शिवकुमार को अपनी व्यक्तिगत क्षमता में अपने व्यवसाय के विकास या सुधार के संबंध में और अपने पोर्टफोलियो के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं जैसे लघु सिंचाई और बेंगलुरु विकास के विकास के संबंध में विभिन्न देशों की यात्रा करने की आवश्यकता हो सकती है।”

इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने यह भी पाया कि इसी मामले में आरोपी नंबर 3 (सुनील कुमार शर्मा, जो शर्मा ट्रासपोर्टस के मालिक हैं) को पहले ही आठ महीने की अवधि के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दी जा चुकी थी।

समानता के सिद्धांत पर हवाला देते हुए न्यायालय ने कहा, “ऐसी स्थिति में, समानता के सिद्धांत के कारण डीके शिवकुमार को उक्त लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। जैसा कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने ए.वी. विनोदा और अन्य बनाम कर्नाटक राज्य के मामले में कहा है। कोर्ट ने कहा कि समान मामलों के साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए और यदि किसी वादी को राहत दी जाती है, तो सभी उचित अपवादों के अधीन, समान परिस्थितियों वाले अन्य वादियों को समान राहत से वंचित नहीं किया जा सकता।

अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता-आयकर विभाग ने आरोपी नंबर 3-सुनील कुमार शर्मा की तुलना में शिवकुमार के मामले में कोई अपवाद नहीं बताया है। अदालत ने आगे यह निष्कर्ष निकाला कि आयकर विभाग के विशेष लोक अभियोजक ने अनुमति देने पर गंभीरता से आपत्ति नहीं जताई, सिवाय इस तर्क के कि दो साल की समय सीमा बनाए रखने योग्य नहीं थी, क्योंकि यह जमानत की शर्त को रद्द करने के बराबर हो सकती थी।

इसके साथ ही न्यायालय ने आवेदन स्वीकार कर लिया और शिवकुमार को कुछ शर्तों के साथ दो साल की अवधि में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, रूस, यूरोपीय और अरब देशों की यात्रा करने की अनुमति दे दी। इन शर्तों में उपर्युक्त प्रत्येक देश की यात्रा का विवरण समय-समय पर जांच एजेंसी को उपलब्ध कराना शामिल है।

SC ने खारिज की आशुतोष ब्रह्मचारी की अपील, अविमुक्तेश्वरानंद को पॉक्सो मामले में राहत

सुप्रीम कोर्ट से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में दी गई अग्रिम जमानत को बरकरार रखा। पढ़ें पूरी खबर।