दिल्ली की एक अदालत ने पिछले महीने तुर्कमान गेट में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास तोड़फोड़ अभियान के दौरान पथराव के 12 आरोपियों की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भूपिंदर सिंह ने बृहस्पतिवार को मामले में आरोपियों की अंतिम दलीलें सुनीं और 16 फरवरी के लिए आदेश सुरक्षित रख लिया।

अदालत ने आरोपियों मोहम्मद इमरान, मोहम्मद अदनान, अदनान, मोहम्मद नावेद, मोहम्मद उबैदुल्लाह, आमिर हमजा, मोहम्मद आदिल, समीर हुसैन, मोहम्मद अथर, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद काशिफ और मोहम्मद अरीब की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की।

आरोपियों के वकील की दलील

आरोपियों के वकीलों ने अदालत को बताया कि अधिकांश आरोपी घटना स्थल के आसपास ही रहते हैं। इसलिए, उनकी मोबाइल लोकेशन मस्जिद फैज-ए-इलाही के पास पाई गई। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास ही पत्थरबाजी की घटना हुई थी।

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आरोपियों के वकीलों ने यह भी बताया कि आरोपी अपने रिश्तेदारों या परिवार के सदस्यों की तलाश में वहां गए थे। पत्थरबाजी में उनके शामिल होने की कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं है।

आरोपियों में से एक के फोन पर पाए गए ‘भड़काऊ संदेशों’ का जिक्र करते हुए वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल ने केवल संदेशों को आगे भेजा था लेकिन उसने किसी क्लिप या संदेशों को तैयार नहीं किया था। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष ने बाद में कहानी में हेरफेर किया क्योंकि ‘भड़काऊ संदेश’ एफआईआर में कभी शामिल नहीं किए गए जबकि पुलिस के पास उनकी डिवाइस काफी समय तक थी।

14 जनवरी को तीस हजारी कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता और जांच के शुरुआती चरण को देखते हुए पांचों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

मामले के आरोपी मोहम्मद इमरान के वकील ने तर्क दिया कि घटना के समय वह अपने घर से बाजार के लिए निकला था और बाजार से लौटते वक्त बैग लेकर उसके थोड़ी ही देर में वापस आने का सीसीटीवी सबूत है। वकील ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह उस समय घटना स्थल पर पत्थर फेंक रहा था।

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क्या है पूरा मामला?

यह मामला छह और सात जनवरी की दरमियानी रात को नई दिल्ली के रामलीला मैदान इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हुई हिंसा का है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई कि तुर्कमान गेट के सामने स्थित मस्जिद को ध्वस्त किया जा रहा है जिससे लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।

आरोप है कि करीब 150-200 लोगों ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी, जिससे इलाके के थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।

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