दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के तीन आरोपियों आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन,सलीम मलिक और अथर खान की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे और उन्होंने जमानत देने से इनकार कर दिया।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पांच अन्य आरोपियों को जमानत दिए जाने के बाद तीनों ने जमानत याचिकाएं दायर की थीं, जिसमें उन्होंने तर्क दिया था कि उन पर भी समान आरोप हैं। इस आधार पर उन्होंने समानता की मांग की थी।
इन तीनों आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत 2020 के दंगों में कथित संलिप्तता के आरोप लगाए गए हैं। पूर्व कॉल सेंटर कर्मचारी अथर पर उत्तरपूर्वी दिल्ली के चांद बाग में हुए विरोध प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों में से एक होने और वहां कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, अथर ने कथित तौर पर गुप्त बैठकों में भाग लिया था, जिनमें उसने कहा था कि “दिल्ली को जलाने का समय आ गया है” और सीसीटीवी कैमरों को नष्ट करने का समन्वय किया था। सलीम भी सीएए/एनआरसी विरोधी बैठक के 11 कथित आयोजकों और वक्ताओं में शामिल था।
कथित आयोजक मोहम्मद सलीम खान, सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन उर्फ गुड्डू भाई, शाहनवाज, फुरकान, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद यूनुस, तबस्सुम, मोहम्मद अयाज और उनके भाई खालिद थे।
5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में पांच आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी थी।
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हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा था कि इस मामले में सभी आरोपियों की स्थिति एक जैसी नहीं है।
जज अरविंद कुमार और एनवी अंजारी की पीठ ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के दो पूर्व छात्रों खालिद और इमाम की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि यूएपीए के तहत उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इस मामले में नामजद 20 आरोपियों में से दो अभी भी फरार हैं और शेष 18 ने पहले जमानत के लिए आवेदन किया था। इन 18 में से सात अभी भी जेल में हैं, जिनमें खालिद, इमाम, अथर खान, सलीम मलिक, आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, तस्लीम अहमद और खालिद सैफी शामिल हैं।
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