दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को राणा अय्यूब ट्वीट मामले में अहम सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि भारतीय पत्रकार द्वारा हिंदू देवी-देवता और वीर सावरकर को लेकर किए गए एक्स पोस्ट्स (पूर्व में ट्विटर) “अभद्र, भड़काऊ और सांप्रदायिक” हैं। कोर्ट ने एक्स, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को इन पोस्ट्स के खिलाफ सुसंगत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार ने कहा कि अत्यंत अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक एक्स पोस्ट को देखते हुए कार्रवाई आवश्यक है। हाई कोर्ट ने अय्यूब को नोटिस भी जारी किया है। अदालत ने यह फैसला अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा दायर याचिका पर सुनाया है।
बता दें कि जिन ‘ट्वीट्स’ पर विवाद हुआ है, वह साल 2013 से 2017 के बीच किए गए थे। अदालत ने कहा कि इस मामले पर तत्काल विचार किए जाने की आवश्यकता है। उसने पुलिस, केंद्र सरकार और ट्विटर (अब एक्स) को कल तक जवाब देने का निर्देश दिया है। इस मामले की शुक्रवार को फिर से सुनवाई होगी।
राणा अय्युब जो एक इंडिपेंडेंट कॉलमिस्ट हैं, वह लंबे समय से विवादों में हैं। यह मामला उनके 2013 से 2017 के बीच किए गए कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स से जुड़ा है, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं और विनायक दामोदर सावरकर को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की गई थीं।
जानकारी अनुसार इन पोस्ट्स को लेकर आरोप लगाया गया कि वे सांप्रदायिक भावना भड़काने वाले हैं, जिसके बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा। इसी पर कोर्ट ने अहम सुनवाई करते हुए कार्रवाई के आदेश दिए हैं। यह विवाद अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के बीच संतुलन को लेकर बहस का विषय बन गया है। गौरतलब है कि महिला पत्रकार पर धन शोधन के भी आरोप हैं।
