दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को बिना किसी देरी के एक एडिशनल पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) उपलब्ध कराया जाए। अदालत ने यह निर्देश उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग पर केंद्र सरकार के फैसले तक अस्थायी व्यवस्था के तौर पर दिया है।

पप्पू यादव ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष एक अभ्यावेदन दिया था। उन्होंने संसद में NEET से जुड़ी कथित गड़बड़ियों और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खिलाफ प्रदर्शनों में शामिल होने के बाद उन्हें मिली कथित जान से मारने की धमकियों का हवाला देते हुए अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की थी।

तीन सप्ताह में फैसला लेगा केंद्र

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश स्टैंडिंग काउंसिल आशीष दीक्षित ने अदालत को बताया कि यादव के अभ्यावेदन पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में तीन सप्ताह के भीतर फैसला लेगी।

फैसला होने तक अतिरिक्त PSO देने पर बनी सहमति

वहीं, पप्पू यादव की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि यदि केंद्र सरकार अभ्यावेदन पर फैसला होने तक सांसद को अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध करा देती है, तो वह फिलहाल याचिका पर जोर नहीं देंगे।

इसके बाद अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि अभ्यावेदन पर फैसला होने तक अस्थायी उपाय के तौर पर पप्पू यादव को एक अतिरिक्त PSO बिना किसी और देरी के उपलब्ध कराया जाए।

फैसले से असंतुष्ट होने पर कानूनी उपाय की आजादी

अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार की ओर से उनके सुरक्षा संबंधी अभ्यावेदन पर लिए गए फैसले से सांसद संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वह उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए स्वतंत्र होंगे।

पूर्णिया से सांसद हैं पप्पू यादव

पप्पू यादव बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर पहले भी खतरे की आशंका जताई है और इसी आधार पर केंद्र सरकार से अपना सुरक्षा कवर बढ़ाने की मांग की थी। अब केंद्र सरकार को उनके अभ्यावेदन पर तीन सप्ताह के भीतर फैसला लेना होगा, जबकि तब तक उन्हें एक अतिरिक्त PSO उपलब्ध कराया जाएगा।

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