Delhi Excise Policy Case: दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहे आबकारी नीति मामले की सुनवाई अब जस्टिस मनोज जैन करेंगे। इसमें अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित आम आदमी पार्टी के नेता आरोपी हैं। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ अदालत की अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने के मद्देनजर मामले को दूसरी बेंच को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था।

2022 में आबकारी नीति का मामला तब सामने आया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक एफआईआर दर्ज की। इसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली की 2021-22 की शराब नीति में बदलाव करके कुछ शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस नीति की वजह से शराब के व्यापार में कुछ कंपनियों का दबदबा बढ़ा और मिलकर कारोबार करने वाले समूहों (कार्टेल) को फायदा मिला।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसी ने कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं ने नीति में हेरफेर करके शराब निर्माताओं से रिश्वत ली। ईडी ने बाद में इस मामले में पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया। यह आरोप लगाया गया था कि नीति के निर्माण के चरण में सिसोदिया और केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के नेताओं और अन्य अज्ञात और अनाम निजी व्यक्तियों/संस्थाओं द्वारा एक आपराधिक साजिश रची गई थी।

निचली अदालत ने केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को किया था बरी

इस साल 27 फरवरी को एक निचली अदालत ने केजरीवाल और 22 अन्य आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को चुनौती दी और यह मामला शुरू में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के समक्ष आया। जस्टिस शर्मा ने प्रथम दृष्टया यह भी पाया कि निचली अदालत द्वारा अपने आदेश में की गई कुछ टिप्पणियां त्रुटिपूर्ण थीं। उन्होंने निचली अदालत को सीबीआई के मामले पर आधारित पीएमएलए कार्यवाही को स्थगित करने का निर्देश भी दिया। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने बाद में जस्टिस शर्मा को इस मामले से अलग करने के लिए आवेदन दायर किए।

हालांकि, जस्टिस शर्मा ने 20 अप्रैल को इसे खारिज कर दिया। उन्होंने फैसला किया कि वह मामले की सुनवाई जारी रखेंगी। इसके बाद केजरीवाल, सिसोदिया और पाठक ने जस्टिस शर्मा के समक्ष चल रही कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किया।

जस्टिस शर्मा ने अवमानना की कार्यवाही करने का फैसला किया

14 मई को जस्टिस शर्मा ने आबकारी नीति मामले के संबंध में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ मानहानिकारक और अपमानजनक आरोप लगाने के लिए केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक, संजय सिंह, विनय मिश्रा और सौरभ भारद्वाज सहित अन्य आम आदमी नेताओं के खिलाफ अवमानना ​​​​की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…