दिल्ली की राउज एवन्यू कोर्ट ने सीबीआई को नीट पेपर लीक मामले में आगे की जांच करने की इजाजत दे दी है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि 13 आरोपियों के खिलाफ उसकी जांच पूरी हो चुकी है। जबकि साजिश में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों के खिलाफ जांच जारी है।

सीबीआई ने सीएफएसएल रिपोर्ट (CFSL Report) में पाए गए महत्वपूर्ण निष्कर्षों का भी हवाला दिया। जिनके लिए आगे की जांच की जरूरत है।

13 अगस्त को अदालत ने क्या कहा?

इससे पहले 13 अगस्त को सीबीआई की ओर से दाखिल किए गए आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने कहा कि गैर-कानूनी तरीके से पैसे कमाने के लिए पेपर लीक करने से लेकर उसे फैलाने के लिए 13 आरोपितों ने सिंडिकेट बनाया था।

विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा दाखिल आरोपपत्र में प्रथम दृष्टया आरोपितों को दोषी ठहराने वाले बहुत सारे साक्ष्य हैं। बुधवार को कोर्ट ने आरोपितों के खिलाफ जांच एजेंसी की फाइनल रिपोर्ट पर संज्ञान लिया और गुरुवार को इसका आदेश जारी किया।

अदालत ने कहा कि सीबीआई द्वारा व्यापक जांच के माध्यम से इकट्ठा किए गए साक्ष्य से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि संबंधित सभी आरोपित किसी न किसी तरह से नीट (यूजी) 2026 परीक्षा लीक सिंडिकेट का हिस्सा थे और उनमें से हर एक ने तीनों विषयों (फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलाजी) के परीक्षा प्रश्न पत्र को फैलाने और प्रसारित करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

28 जुलाई को कोर्ट में दाखिल की गई थी चार्जशीट

28 जुलाई को दिल्ली की एक फास्ट ट्रैक अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट में जिन 13 लोगों के नाम हैं। उनमें ये तीनों विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। सीबीआई ने उनकी पहचान एनटीए की बायोलॉजी विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा संजय हवालदार के रूप में की है। सीबीआई के अनुसार, एनटीए के “कॉन्फिडेंशियल सेक्शन” के अंदर इन तीनों विषय विशेषज्ञों को अनुवाद के रफ वर्क के लिए सादे कागज दिए गए थे।

जांच में पता चला कि कुलकर्णी ने उन्हीं कागजों से छोटी-छोटी पर्चियां बना लीं। आरोप है कि उन्होंने केमिस्ट्री के कुल 135 सवालों को संक्षेप में उनके सभी विकल्पों के साथ उन पर्चियों पर लिख लिया। जांच में यह भी सामने आया कि कुलकर्णी ने सह-आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से विशेष कोचिंग क्लासें आयोजित कीं और छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब बताए। कुलकर्णी ने 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच तीन सेटों के कुल 135 सवालों का बैक ट्रांसलेशन किया था।

सीबीआई के मुताबिक, बॉटनी की अंग्रेजी से मराठी में अनुवादक और जूलॉजी की बैक ट्रांसलेटर मनीषा मंधारे होटल लौटने के बाद एनसीईआरटी की किताबों में सवालों से जुड़े पैराग्राफ पर निशान लगा देती थीं। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने पुणे स्थित अपने घर पर छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लासें भी चलाईं। सीबीआई के अनुसार, फिजिक्स की बैक ट्रांसलेशन और तीन सेटों की प्रूफ रीडिंग का काम संभालने वाली मनीषा हवालदार सवालों को संक्षेप में लिख लेती थीं।

जांच में यह भी पता चला कि “कॉन्फिडेंशियल सेक्शन” में आने-जाने के दौरान इन विषय विशेषज्ञों की तलाशी नहीं ली जाती थी। 12 मई को मामला दर्ज करने वाली सीबीआई को जांच के दौरान सिर्फ 20 से 25 दिनों की सीसीटीवी फुटेज ही मिली।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल होने वाली महिला पहुंची सुप्रीम कोर्ट

कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने वाली एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने आरोप लगाया है कि प्रोटेस्ट में शामिल होने के बाद उसे बलात्कार और धमकियां मिल रही हैं। पढें पूरी खबर।