दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश मामले के आरोपी खालिद सैफी को कई शर्तों के साथ 13 दिन की अंतरिम जमानत दी है। जमानत की शर्तों में खालिद सैफी के सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने पर रोक भी शामिल है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी ने इस मामले में सुनवाई की।
‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ के संस्थापक खालिद सैफी द्वारा अपने भतीजों की शादी में शामिल होने और अपने परिवार के साथ रमजान मनाने के लिए अदालत में अंतरिम जमानत याचिका दायर की गई थी।
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अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने 29 जनवरी को दिए गए एक आदेश में कहा, ”आवेदक (सैफी) अपनी रिहाई के बाद किसी भी गवाह से संपर्क नहीं करेगा। इसके अलावा, आवेदक अपनी अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगा। साथ ही, आवेदक मीडिया से संपर्क नहीं करेगा और किसी भी कीमत पर सोशल मीडिया पर कोई गतिविधि नहीं करेगा या कोई सामग्री पोस्ट नहीं करेगा।”
अदालत ने सैफी को 6 फरवरी से 13 फरवरी, 2026 तक 20,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानती पेश करने पर राहत प्रदान की।
दिल्ली में भड़के थे दंगे
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुई थी। इनमें कम से कम 53 लोग मारे गए और लगभग 700 लोग घायल हो गए थे।
क्या है यह पूरा मामला?
जगतपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 26 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खुरेजी खास इलाके की मस्जिद वाली गली में लोग जमा हो गए थे। एफआईआर में कहा गया है कि जब पुलिस ने लोगों से हटने को कहा तो उन्होंने पत्थर फेंके और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। भीड़ में शामिल किसी शख्स ने हेड कांस्टेबल योगराज पर गोली भी चलाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, खालिद सैफी और पूर्व कांग्रेस पार्षद इशरत जहां ने लोगों को उकसाया था।
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