बॉम्बे हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई है। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और अन्य पांच लोगों की मौत हो गई थी।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता केतन तिरोडकर ने राज्य आपराधिक जांच विभाग (CID) को उपमुख्यमंत्री की ‘दुर्घटनाग्रस्त मौत’ की जांच करने के निर्देश देने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग के गठन की मांग की है। जिसमें डीजीसीए के एक सेवानिवृत्त निदेशक और एक वाणिज्यिक एयरलाइन के मुख्य रखरखाव अभियंता सहित विमानन विशेषज्ञ शामिल होंगे।

अपनी याचिका में तिरोडकर ने कहा है कि उन्होंने 20 फरवरी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को पत्र लिखकर दुर्घटना की सीआईडी ​​जांच का अनुरोध किया था। उन्होंने डीजीसीए, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी), मुख्यमंत्री कार्यालय और बारामती पुलिस के पास सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत कई आवेदन भी दायर किए हैं। जिनमें उड़ान की बुकिंग से लेकर ब्लैक बॉक्स विश्लेषण और विमान के लिए नियामक अनुमतियों तक की जानकारी मांगी गई है।

तिरोडकर का दावा है कि दोनों पत्रों का कोई जवाब न मिलने के बाद उन्हें हाई कोर्ट का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनकी जनहित याचिका में कई मुद्दे उठाए गए हैं, जिनमें कथित तौर पर अंतिम समय में सड़क यात्रा को हवाई यात्रा में परिवर्तित करना शामिल है। उन्होंने दो नियुक्त पायलटों को कथित तौर पर यातायात जाम के कारण बदले जाने पर भी सवाल उठाया है।

याचिका में बारामती में अलग-अलग रनवे पर बार-बार लैंडिंग के अनुरोधों का जिक्र किया गया है और इस बात पर संदेह जताया गया है कि क्या लेयरजेट भारत में विधिवत पंजीकृत था या वह अमेरिका में पंजीकृत नंबर पर संचालित हो रहा था।

याचिका में दिवंगत अजित पवार के भतीजे विधायक रोहित पवार के सार्वजनिक बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया गया है। जिसमें उन्होंने विमान के संचालन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था और एयरलाइन कर्मचारियों, पायलटों और राजनेताओं के बीच कथित चैट भी साझा की थी।

हाई कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को जारी किया नोटिस

गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया है। याचिका में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को राज्य अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हेड स्पीच देने से रोकने के निर्देश देने की मांग की गई। पढ़ें पूरी खबर।