राम मंदिर दान मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने SIT से कहा कि वह जल्द जांच पूरी करे और उसे तार्किक नतीजे तक पहुंचाए। सुप्रीम कोर्ट ने SIT को मामले की जांच में हुई प्रगति पर स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में जमा करने के लिए कहा है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने SIT को निर्देश दिया कि वह मामले से जुड़े पक्षकारों के सुझावों पर निष्पक्षता से विचार करे।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि SIT की जांच रिपोर्ट के बाद वह श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान मैनेजमेंट में सुधार के लिए कुछ निर्देश जारी कर सकता है। 

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट अदालत ने 27 जुलाई को इस मामले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक किरण एस की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एसआईटी के गठन का संज्ञान लिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि जांच टीम में एक फॉरेंसिक ऑडिटर भी शामिल किया जाना चाहिए।

यह उल्लेख करते हुए कि ”सुधारात्मक कदम उठाने होंगे”, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा था कि ”पारदर्शिता सुनिश्चित करने” के लिए कदम उठाए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया था।

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सूत्रों के मुताबिक, शार्टलिस्टेड किए गए उम्मीदवारों में से अधिकतर रिटायर प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व वरिष्ठ कार्पोरेट कार्यकारी और रिटायर रक्षा अधिकारी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।