पूर्व WFI अध्यक्ष और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट का रुख किया है। राऊज एवेन्यू कोर्ट की सेशन कोर्ट ने उनकी अपील पर बृजभूषण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को नोटिस जारी किया है। दोनों से 9 अक्टूबर तक जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई इसी दिन होगी।
आपको बता दें कि महिला पहलवानों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया गया था। अपील में निचली अदालत के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि इसे कानून की कसौटी पर कायम नहीं रखा जा सकता।
याचिका में दावा किया गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में सामने आए सबूतों का गलत और चुनिंदा तरीके से आकलन किया। अपीलकर्ताओं के मुताबिक, उपलब्ध सामग्री और गवाहियों का समग्र रूप से मूल्यांकन नहीं किया गया जिससे फैसले पर असर पड़ा।
महिला पहलवानों के आरोप
महिला पहलवानों ने यह भी आरोप लगाया है कि फैसले में पीड़िता के व्यवहार को लेकर पुरानी और रूढ़िवादी सोच को आधार बनाया गया। याचिका में कहा गया है कि किसी पीड़िता के व्यवहार को लेकर तय सामाजिक धारणाओं के आधार पर उसके आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
पहलवानों ने अपनी याचिका में कहा है कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में पीड़ित महिला से जुड़े एक तय मानक यानी ‘आदर्श पीड़िता’ (Ideal Victim) की सोच को आधार बनाया गया।
याचिका में कहा गया है कि फैसले में इस बात को लेकर शिकायतकर्ताओं पर सवाल उठाए गए कि उन्होंने एक पीड़ित महिला की तरह व्यवहार क्यों नहीं किया। याचिका के मुताबिक, शिकायतकर्ताओं की बातों पर इसलिए भरोसा नहीं किया गया क्योंकि उन्हें घटनाओं की सही तारीखें याद नहीं थी।
अब सेशन कोर्ट दोनों पक्षों का जवाब मिलने के बाद अपील पर आगे सुनवाई करेगा। 9 अक्टूबर की सुनवाई में बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर का पक्ष सामने आने की उम्मीद है।
बृजभूषण शरण सिंह बरी: जंतर-मंतर के धरने से कोर्ट के फैसले तक, जानिए पूरे विवाद की टाइमलाइन
भारतीय कुश्ती के इतिहास के सबसे चर्चित और विवादित मामलों में से एक आखिरकार अपने कानूनी मुकाम पर पहुंच गया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने तीन अगस्त 2026 को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह तथा WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को छह महिला पहलवानों की ओर से दायर यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया।
