बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर अबू सलेम को अपने भाई अबू हकीम अंसारी की मौत पर शोक व्यक्त करने के लिए उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ स्थित अपने पैतृक स्थान पर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, जस्टिस अजय गडकरी और श्याम चंदक की बेंच ने अपीलीय प्राधिकरण के उसे आदेश को बरकरार रखा, जिसमें सलीम को इमरजेंसी पैरोल इस शर्त पर दी गई थी कि हाई सिक्योरिटी पुलिस एस्कॉर्ट के शुल्क के रूप में 17.60 लाख रुपये का भुगतान करें। हालांकि सलीम ने पहले यह राशि देने से इनकार कर दिया था।
सिक्योरिटी फीस का भुगतान करने की स्थिति में नहीं अबू सलेम
सुनवाई के दौरान अबू सलेम की वकील फरहाना शाह ने कहा कि सलीम 23 साल 9 माह से जेल में हैं और वह पूरी सिक्योरिटी फीस का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है। वह केवल एक लाख रुपये का ही इंतजाम कर सकते हैं, जो वह भी किसी से उधार लिया है। फरजाना ने बेंच से वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद याचिका पर विचार करने का आग्रह किया था।
आशीष सतपुते ने याचिका का विरोध किया
एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर आशीष सतपुते ने इस याचिका का विरोध किया और कहा कि सलीम के आपराधिक इतिहास को देखा जाए, जिसमें 1993 के मुंबई बम धमाके का वह मुख्य आरोपी, गिरफ्तारी से बचने के लिए उसका फरार होना,पुर्तगाल से उसका प्रत्यर्पण शामिल हैं। आशीष सतपुते ने आजमगढ़ के सरायमीर इलाके में सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की, जिसे स्थानीय पुलिस ने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील बताया।
गैंगस्टर कहने पर आपत्ति
फरजाना ने पुलिस के जवाब पर आपत्ति जताई और तर्क दिया कि अबू सलेम ने पहले भी दो बार उसकी मां और पालने वाली मां की मौत पर पैरोल दी है और इस दौरान कोई घटना नहीं हुई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सलेम का दौरा केवल शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए था, न कि किसी पर्व के लिए। उन्होंने अबू सलेम को गैंगस्टर कहने जाने पर भी खंडन किया और बताया कि पुर्तगाल में चल रहा मामला खत्म हो चुका है। साथ ही मुंबई 1993 बम धमाकों के मूल विस्फोटों में उसका कोई सीधा हाथ नहीं था, सिवाय अभिनेता संजय दत्त को हथियार देने के।
हालांकि बेंच ने सलीम को पैरोल देने से इनकार कर दिया और कहा कि एस्कॉर्ट के आरोप ऐसी राहत के लिए एक अनिवार्य शर्त थे और सलेम द्वारा इसका पालन न करना एक बाधा बन रही। आगे पढ़िए गैंगस्टर अबू सलेम पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई सीरियल ब्लास्ट से जुड़ा है मामला; जानिए कितने दिन की काट चुका सजा
