फैजल खान उर्फ खान सर को एक बार फिर बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने आज शनिवार 20 जून को सुनवाई के दौरान उन्हें गिरफ्तारी से मिली राहत बरकरार रखी है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद इंटिरिम प्रोटेक्शन अगली तारीख तक के लिए बढ़ा दी है। इससे पहले पुलिस ने अदालत में केस डायरी को सबमिट कर दिया है। अब अगली तारीख तक खान सर को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकती है।

पटना सिविल कोर्ट से फैजल खान उर्फ खान सर को एक बार फिर से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शनिवार (20 जून, 2026) को सुनवाई के दौरान उन्हें गिरफ्तारी से मिली राहत बरकरार रखी है। इसके साथ ही अदालत ने ‘कोई कठोर कार्रवाई न करने’ के लिए कहा है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे।

खान सर और उनके दोनों निजी सुरक्षा गार्डों की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत में अपडेटेड केस डायरी प्रस्तुत की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी पर अंतरिम संरक्षण (Interim Relief) बरकरार रखा। अब मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी।

बता दें, दो जून की रात कोचिंग संस्थान के बाहर हुए बवाल के दौरान खान सर के दोनों गार्डों पर दो-दो राउंड फायरिंग करने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई खान सर के निर्देश पर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने दर्ज एफआईआर में फैजल खान का नाम भी जोड़ लिया था। इसी मामले में आरोपित बनाए गए ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई और वे जेल से बाहर आ चुके हैं।

इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ उस समय आया जब रौशन आनंद के भाई की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रौशन आनंद ने सार्वजनिक रूप से इस घटना के लिए फैजल खान पर हत्‍या का आरोप लगाया। इसके बाद कदमकुआं थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की, जिसके विरोध में उन्होंने धरना भी दिया था।

रौशन आनंद यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनके साथ मामले में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया। उनका कहना है कि जिस मामले में उनकी गिरफ्तारी तेजी से हुई, उसी मामले में नामजद किए जाने के बावजूद खान सर के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है। वहीं, खान सर की ओर से पहले भी आरोपों को निराधार बताया जाता रहा है।

पिछली सुनवाई में क्या हुआ था?

9 जून को खान सर की जमानत याचिका पर जिला और सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई थी। खान सर की तरफ से अधिवक्ता अरविंद कुमार मऊआर ने पैरवी की थी। वहीं लोक अभियोजक राजेश कुमार ने जमानत का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि खान सर के गार्ड ने इरादतन फायरिंग की। गार्ड प्रदीप कुमार को हथियार उनकी सुरक्षा के लिए मिला था, क्योंकि उनके पिता की हत्या हुई थी। अपनी सुरक्षा के लिए मिले हथियार से वे खान सर की सुरक्षा कर रहे हैं। एक गार्ड की क्रिमिनल हिस्ट्री भी रही है।

वहीं, खान सर की तरफ से अधिवक्ता अरविंद कुमार मऊआर ने कहा था कि खान सर ने गार्ड खुद से नहीं रखे हैं, एजेंसी ने यह गार्ड दिए हैं। इसलिए खान सर के पास इनके क्रिमिनल हिस्ट्री की जानकारी नहीं है। राजेश कुमार ने यह भी कहा कि खान सर पर भी पहले से एक मामला दर्ज है, वे पहले भी कानून व्यवस्था भंग कर चुके हैं। इस पर अरविंद कुमार मऊआर ने कहा कि वह आंदोलन से जुड़ा मामला था। वे किसी अपराध में शामिल नहीं थे. उस मामले का निष्पादन हो चुका है।

खान सर की कोचिंग पर क्यों हुई तोड़फोड़? पुलिस भर्ती विवाद से जुड़े हैं हमले के तार; जांच में हुआ खुलासा

ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाने वाले खान सर के पटना के मुसल्लाहपुर स्थित ग्लोबल स्टडीज कोचिंग इंस्टीट्यूट पर हमला हुआ था। इस दौरान हमलावरों ने कोचिंग में जमकर तोड़फोड़ भी हुई है। अब पुलिस ने अपनी कार्रवाई को लेकर बताया कि अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर का नाम भी है। बता दें कि यह कोचिंग फेमस शिक्षक और यूट्यूबर फैजला खान की है, जो कि खान सर के तौर पर जाने जाते हैं। पढ़ें पूरी खबर।