पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी चीफ ममता बनर्जी गुरुवार को पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर दायर एक याचिका के संदर्भ में कलकत्ता हाई कोर्ट में पेश हुईं। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर बंगाल के लोगों की रक्षा करने पर विफल रहने का आरोप लगाया।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ सुजॉय पाल के समक्ष पेश होते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया बंगाल की जनता की रक्षा करें। यह कोई बुलडोजर राज्य नहीं है।

यह मामला उन आरोपों से संबंधित है जिनमें तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को समाप्त करने और राज्य में भाजपा को सत्ता में लाने वाले बहुचर्चित चुनावों के बाद राजनीतिक कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों पर हमले हुए थे।

ममता बनर्जी ने अदालत को यह भी बताया कि सभी न्यायाधीशों के प्रति मेरा आदर है, क्योंकि यह पहली बार है जब मैं हाई कोर्ट में पेश हो रही हूं और एक वकील के रूप में मैं इस मामले की पैरवी कर रही हूं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में हिंसा और धमकी का सिलसिला जारी है और उन्होंने तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की।

टीएमसी चीफ ने कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि हम लोगों के लिए तत्काल सुरक्षा चाहते हैं। पुलिस की मौजूदगी में वे घरों और दफ्तरों पर कब्जा कर रहे हैं और लूटपाट कर रहे हैं। ममता बनर्जी ने कार्रवाई के दौरान कहा कि मैं घटना से संबंधित तस्वीरें पहले ही दे चुकी हूं।

कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए बनर्जी ने आगे कहा कि दस मृतकों में से छह हिंदू हैं। कृपया पुलिस को उचित व्यवहार करने के लिए कहें। वे एफआईआर दर्ज नहीं होने दे रहे हैं। मेरे परिवार में 12 साल की बच्चियों को बलात्कार की धमकी दी जा रही है।

ममता बनर्जी ने अदालत को बताया कि हिंसा दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और पूरे राज्य में आम लोगों की आजीविका को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मामला दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। यहां तक ​​कि मछली बाजार भी ध्वस्त जा रहे हैं। हमें इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि कौन क्या खाना चाहता है।

कल्याण बनर्जी के बेटे ने दायर की थी याचिका

यह याचिका अधिवक्ता सिरसान्या बनर्जी ने दायर की थी, जो तृणमूल कांग्रेस नेता और वकील कल्याण बंदोपाध्याय के बेटे हैं।याचिकाकर्ता ने कई क्षेत्रों में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं का आरोप लगाया। जिनमें पार्टी कार्यालयों पर हमले और कार्यकर्ताओं का विस्थापन शामिल है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी भी अदालत कक्ष में उपस्थित थे।

कल्याण बनर्जी ने अदालत को बताया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में टीएमसी पार्टी के कई कार्यालय जला दिए गए। कल्याण बनर्जी ने कहा कि 2021 के चुनावोत्तर हिंसा मामले को ही ले लीजिए, मुख्य न्यायाधीश ने पांच न्यायाधीशों की पीठ गठित की थी। आज की घटनाएं उस समय की चुनावोत्तर हिंसा से कहीं ज्यादा हैं।

ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद कथित तौर पर हुई चुनावोत्तर हिंसा की घटनाओं को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। यह मामला मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल के समक्ष उठाया गया था।

टीएमसी की याचिका में क्या कहा गया?

याचिका के अनुसार, चुनाव परिणामों के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों से टीएमसी कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों को निशाना बनाकर आगजनी, तोड़फोड़ और हमलों की कई घटनाएं सामने आईं।

याचिका में प्रभावित पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए निर्देश देने और हिंसा की कथित घटनाओं की उचित जांच करने की मांग की गई है।
कोलकाता, हावड़ा और कई जिला कस्बों सहित कई क्षेत्रों से झड़पों और तोड़फोड़ की खबरें सामने आईं> जिसमें भाजपा और टीएमसी दोनों ने घटनाओं को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।

टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के कई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई और उन्होंने हिंसा की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की है।

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि ममता बनर्जी एक ऐसी नेता हैं जो जनता और कार्यकर्ताओं के साथ रहती हैं। आज वह एक वकील की भूमिका में हैं और जनता के लिए लड़ रही हैं।

ममता बनर्जी के अदालत जाने पर बीजेपी क्या बोली?

इसी बीच, ममता बनर्जी के अदालत पहुंचने पर भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा कि वह जा सकती हैं। वह वहां गई हैं क्योंकि यह उनका अधिकार है। अब उनके पास क्या काम है?

बता दें, भाजपा ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया, जो केवल 80 सीटों पर ही सिमट गई।

वकील की पोशाक में कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंची ममता बनर्जी, चुनाव बाद हिंसा को लेकर करेंगी पैरवी

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार को टीएमसी के लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और उनके बेटे शिरशन्या बंदोपाध्याय (जो स्वयं भी वकील हैं) के साथ वकीलों का गाउन पहनकर कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं। इस दौरान टीएमसी नेता और वकील बैसवानोर चटर्जी भी उनके साथ थे। पढ़ें पूरी खबर।