जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा ने सोमवार (7 सितंबर 2026) को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली। उनकी नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार की आपत्ति के बीच यह शपथ ग्रहण समारोह हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौजूद रहे जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समारोह में शामिल नहीं हुए।
आपको बता दें कि पंजाब सरकार के मंत्रिमंडल ने रविवार को केंद्र सरकार के उस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था जिसके तहत जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। पंजाब सरकार का कहना था कि यह फैसला उसकी सहमति के बिना लिया गया है।
राज्य सरकार ने मांग की थी कि जब तक उसके पक्ष पर विचार नहीं किया जाता तब तक जस्टिस मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ न दिलाई जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति ने कल ही जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा की मुख्य न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी थी।
कौन हैं जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा?
जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा ने 8 मई 1993 को वकील के तौर पर अपना पंजीकरण कराया था। साल 2013 में उन्हें सीनियर एडवोकेट बनाया गया। इसके बाद 3 फरवरी 2014 को उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली।
1 फरवरी 2016 को उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। बाद में उनका तबादला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में किया गया। उन्होंने 21 जुलाई 2025 को चंडीगढ़ स्थित पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में कार्यभार संभाला था।
अब जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभालेंगे।
‘न्यायिक नियुक्तियों में सीधा हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेंगे’
पंजाब कैबिनेट ने रविवार को एक प्रस्ताव पारित कर कहा कि केंद्र ने हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए एमओपी के तहत जरूरी राज्य सरकार के विचारों का इंतजार किए बिना न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। इस संबंध में मांग की गई है कि उनकी नियुक्ति और शपथ ग्रहण को रोक दिया जाए।
केंद्र सरकार की ओर से नियुक्ति की सूचना जारी करने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई एक आपातकालीन बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया। राज्य सरकार ने कहा कि यह नियुक्ति केंद्र सरकार की ओर से पंजाब के संवैधानिक अधिकारों और स्थापित प्रक्रियाओं की अनदेखी करने का एक और उदाहरण है।
आठ राज्यों के हाई कोर्ट को मिले नए चीफ जस्टिस
बीते शनिवार को केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए देश के आठ अलग-अलग राज्यों के हाई कोर्ट में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति कर दी है। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा भेजी गई सिफारिशों के कुछ ही दिनों बाद लिया गया है, और कॉलेजियम की सिफारिशों को ही मंजूरी दी गई है।
