मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद, पुलिस ने 2023 के उस मामले में जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट अभी तक अदालत में पेश नहीं की है। यह मामला कथित सट्टेबाज अनिल जयसिंघानी और उनकी बेटी अनिक्षा से जुड़ा है। दोनों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस से कथित तौर पर जबरन वसूली की कोशिश करने का आरोप है।
स्पेशल कोर्ट ने कहा कि मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, अभी तक कोई एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
मालाबार हिल पुलिस ने 2023 में दोनों को एक अन्य आरोपी के साथ गिरफ्तार किया था। उन पर जबरन वसूली समेत कई आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने 2023 में ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन उसमें कहा गया था कि FSL रिपोर्ट मिलने के बाद उसे बाद में अदालत में पेश किया जाएगा।
पिछले तीन सालों में अदालत ने पुलिस को कई बार रिपोर्ट पेश करने की याद दिलाई है। यहां तक कि जनवरी 2025 में कलिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक को भी समन जारी किया गया था और रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने 16 जनवरी, 2025 को क्या कहा था?
अदालत ने 16 जनवरी 2025 को कहा था, “मामला अब सुनवाई के लिए तैयार है। मामले की शुरुआत और आरोप तय करने के बिंदु पर सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक (SPP) ने बताया कि कलिना, मुंबई स्थित डीएफएसएल को भेजे गए सबूतों की जांच/विश्लेषण रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। यहां तक कि वे सबूत भी वापस प्राप्त नहीं हुए हैं। इसलिए मामले को इन रिपोर्ट और सबूतों के पेश किए जाने तक स्थगित रखा जाए। कलिना स्थित डीएफएसएल के निदेशक को अगली सुनवाई तक गवाह के रूप में समन जारी करने का आदेश दिया था।”
इसके बाद, सितंबर 2025 में अदालत ने एफएसएल प्राधिकरण को प्राथमिकता के आधार पर रिपोर्टों को शीघ्रता से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। यह कहते हुए कि वे दो साल से अधिक समय से लंबित हैं, लेकिन अदालत के रिकॉर्ड से पता चलता है कि कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
2024 में जब कानून की स्नातक अनिक्षा ने जांच के दौरान जब्त किए गए अपने इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, जिनमें एक आईफोन और एक आईपैड शामिल थे। उनकी वापसी की मांग की, तो मुंबई पुलिस ने फोरेंसिक प्रयोगशाला में चल रहे डेटा विश्लेषण का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि उपकरणों को वापस करने से डेटा के साथ छेड़छाड़ या डेटा का नुकसान हो सकता है, जिसमें संवेदनशील और सेक्रेट फाइलें भी शामिल हैं।
पुलिस ने तब बताया था कि राज्य एफएसएल ने 8,655 मामलों के लंबित होने की सूचना दी थी और जयसिंघानी के उपकरणों के विश्लेषण को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अदालत ने तब उनकी याचिका खारिज कर दी थी और रिपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर प्रस्तुत करने का अनुरोध किया था।
अनिक्षा, जिन्होंने कानून की डिग्री पूरी कर ली है। उन्होंने ब्रिटेन में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए मई में अपना पासपोर्ट वापस पाने की अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने सशर्त मंजूरी दे दी थी। जमानत की शर्तों के अनुसार, उन्हें देश छोड़ने से पहले अदालत से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने अभी तक इस संबंध में कोई अर्जी नहीं दी है।
पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, 2023 में अनिक्षा ने खुद को एक डिज़ाइनर बताकर अमृता फड़नवीस से संपर्क किया था। इसके बाद उसने अमृता के साथ हुई मुलाकातों के वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड किए और कथित तौर पर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की।
पुलिस का दावा है कि अनिक्षा ने अपने पिता अनिल जयसिंघानी के साथ मिलकर साजिश रची और उसे अंजाम दिया। शुरुआत में दोनों ने अमृता फडणवीस को 1 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की थी। इसके बदले वे चाहते थे कि अमृता अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अनिल जयसिंघानी के खिलाफ लंबित मामलों को खत्म कराने के लिए हस्तक्षेप करें।
पुलिस का दावा है कि अमृता फडणवीस के इनकार करने और उसका (अनिक्षा) फोन नंबर ब्लॉक करने के बाद अनिक्षा ने कथित तौर पर वीडियो के जरिए उन्हें धमकी दी और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
‘Selective Approaches’, गुजरात हाई कोर्ट ने शेयर मार्केट धोखाधड़ी मामले में आरोपी को दी जमानत
गुजरात हाई कोर्ट ने पिछले सप्ताह एक साइबर कानून विशेषज्ञ को जमानत दे दी। आरोपी पर फर्जी कॉल सेंटर चलाकर शेयर बाजार के निवेशकों से धोखाधड़ी करने का आरोप है। अदालत ने यह कहते हुए जमानत दी कि राज्य अभियोजन ने अलग-अलग अदालतों में मामले को लेकर “चयनात्मक दृष्टिकोण (Selective Approaches)” अपनाया और उसके रुख में विरोधाभास नजर आया। पढ़ें पूरी खबर।
