पश्चिम बंगाल के टीएमसी महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर रूख किया है। उन्होंने यह याचिका टीएमसी के बागी सांसदों से जुड़ी अयोग्यता याचिकाओं पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से हो रही देरी के खिलाफ दायर की है।

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के 20 बागी सांसद टीएमसी छोड़ नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। इसे लेकर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के पास इन सभी सांसदों को अयोग्य करने के लिए पार्टी की ओर से एक पत्र भेजा था।

कल होगी सुनवाई

इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने कल यानी 25 अगस्त को सुनने का फैसला किया। 25 अगस्त को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच सुनवाई करेगी।

इस साल जून में सांसदों ने की थी बगावत

TMC के टिकट पर जीतने वाले लगभग 20 सांसदों ने इस साल जून में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी और NCPI में शामिल हो गए थे। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार के ठीक बाद हुआ, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हो गया।

राजनीति से ‘संन्यास’ नहीं लेंगी ममता

इस बीच सोमवार को ही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी फेसबुक पर लाइव आईं और लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वह राजनीति से ‘संन्यास’ (रिटायरमेंट) नहीं लेंगी और तब तक नहीं रुकेंगी जब तक वह बीजेपी को हाशिए पर धकेल नहीं देतीं।

लोगों को बड़े पैमाने पर डराया-धमकाया जा रहा- ममता बनर्जी

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि सरकार बदलने के चार महीने के भीतर ही पश्चिम बंगाल के लोगों ने बीजेपी का असली चेहरा पहचान लिया है और लोगों को बड़े पैमाने पर डराया-धमकाया जा रहा है।

बनर्जी ने कहा, “बीजेपी मुझे मीटिंग करने नहीं देती। जो लोग सोचते हैं कि सिर्फ इसलिए कि मुझे इजाजत नहीं मिल रही, मैं राजनीति से ‘संन्यास’ ले लूंगी, वे गलतफहमी में हैं। हमारी लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी जब तक बीजेपी को खुद राजनीतिक रिटायरमेंट लेने पर मजबूर न कर दिया जाए।”

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तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को सरकारी आवास से कथित तौर पर बेदखल किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में तत्काल सुनवाई और हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें