पुणे की एक विशेष अदालत ने 25 जून को तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में 65 वर्षीय भीमराव कांबले को दोषी करार दिया है। बड़ी बात यह है कि इस मामले की सुनवाई महज दो महीने में पूरी कर ली गई।
विशेष न्यायाधीश ने कहा है कि दोषी को कितनी सजा दी जाएगी, इसका फैसला 29 जून को सुनाया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि अदालत ने भीमराव कांबले को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) कानून के तहत लगाए गए सभी आरोपों में दोषी माना है। राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर और पीड़िता के पिता ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है।
घटना के समय बच्ची अपनी नानी के घर आई हुई थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी बच्ची को पास की एक गौशाला में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में कई अहम सबूत पेश किए, जिनकी वजह से आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत हुआ। इनमें CCTV फुटेज, DNA रिपोर्ट, फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में अपराध के 14 दिनों के भीतर करीब 1,100 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी थी। वहीं, मामले की जल्द सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस केस की रोजाना सुनवाई के निर्देश दिए थे।
उस रोजाना सुनवाई की वजह से ही इस मामले में दो महीने के भीतर ही आरोप भी सिद्ध हो गए और अब सजा भी दी जाएगी। जानकार मानते हैं कि इस प्रकार की तेज सुनवाई और कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है।
