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जहीर खान बनना चाहते थे इंजीनियर, कस्बे में टेनिस बॉल से करते थे गेंदबाजी; एक बदलाव ने चमकाया नाम

जहीर का चयन भारत के दिग्गज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ के कहने पर हुआ था। श्रीनाथ ने ही आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी से पहले कप्तान सौरव गांगुली को फोन कर कहा था कि ये गेंदबाज दौरे के लिए टीम में होना चाहिए। जहीर ने श्रीनाथ और गांगुली को निराश नहीं किया।

जहीर खान ने भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में 500 से ज्यादा विकेट लिए। (फाइल)

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज गेंदबाज रहे जहीर खान ने टीम इंडिया के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 मैच खेले। इंटरनेशनल करियर में 500 से भी ज्यादा विकेट लेने वाला यह गेंदबाज क्रिकेटर नहीं बनना चाहता था। वे इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन जिंदगी ने करवट ली और वे क्रिकेटर बन गए। इसका खुलासा उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में किया था। जहीर ने अपना पहला मैच साल 2000 में केन्या और आखिरी मैच में 2014 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।

जहीर खान एक बार मोहम्मद कैफ, वीरेंद्र सहवाग, रविचंद्रन अश्विन, वीवीएस लक्ष्मण और हरभजन सिंह के साथ पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के बंगाली शो ‘दादागिरी’ पर गए थे। वहां उन्होंने अपने करियर के बारे में विस्तार से बताया था। जहीर ने कहा था, ‘‘फर्स्ट क्लास क्रिकेट की शुरुआत मैंने बड़ौदा से की थी। उससे पहले क्रिकेट की शुरुआत मैंने 1996 में मुंबई में की थी। 1996 का वर्ल्ड कप के दौरान ये सिलसिला शुरू हुआ था। उससे पहले श्रीरामपुर जैसे कस्बे में टर्फ विकेट कहीं नहीं मिलता था। वहां क्रिकेट सिर्फ टेनिस बॉल से हुआ करती थी। टेनिस बॉल से खेलने के दौरान कभी नहीं सोचा कि इंडिया के लिए खेलना है या इसी में नाम कमाना है। इंजीनियर बनने का इरादा था लेकिन वह पूरा नहीं हुआ।’’

जहीर ने डेब्यू के कुछ सालों के बाद रन-अप छोटा कर लिया था। उन्होंने अंदर आती गेंदों पर कंट्रोल पाया और बल्लेबाजों को छकाने लगे। इससे उन्हें सफलता भी मिली लगी। उनके इस एक बदलाव ने करियर को बदल दिया। इस बारे में जहीर ने गांगुली को बताया, ‘‘करियर के शुरू में लेंग्थ पर मेरा कंट्रोल नहीं होता था। जब मैं स्पैल में वापस आता था तो शुरुआत जैसी मिलनी चाहिए थी वैसी नहीं मिलती थी। इस कारण मिड ऑफ या मिड ऑन पर खड़े सहवाग या सचिन तेंदुलकर से कुछ सुनना पड़ता था। ये लोग कहते थे कि पहली गेंद ये आगे क्यों करता है। उसके बाद मैंने जब रन-अप छोटा किया तो सफलता मिली। इसका अंदाजा मुझे दो-तीन साल के बाद लगा। रन-अप शॉर्ट करने से मुझे काफी मदद मिली।’’

जहीर का चयन भारत के दिग्गज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ के कहने पर हुआ था। श्रीनाथ ने ही आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी से पहले कप्तान सौरव गांगुली को फोन कर कहा था कि ये गेंदबाज दौरे के लिए टीम में होना चाहिए। जहीर ने श्रीनाथ और गांगुली को निराश नहीं किया। उन्होंने केन्या के खिलाफ अपने पहले मैच में तीन विकेट लिए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो-दो विकेट चटकाए थे। जहीर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में तीसरे स्थान पर थे। 4 मैच में 7 विकेट लिए थे। हालांकि, भारतीय टीम फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार गई थी।

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