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जवागल श्रीनाथ के एक फोन पर हुआ था जहीर खान का चयन, सौरव गांगुली ने सहवाग-लक्ष्मण के सामने किया था खुलासा

जहीर ने 92 टेस्ट मैचों में 311 विकेट अपने नाम किए। 200 वनडे में 282 और 17 टी20 मैचों में 17 विकेट झटके हैं। जहीर ने साल 2000 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। तब सौरव गांगुली टीम के कप्तान थे।

जहीर खान और जवागल श्रीनाथ भारत के लिए 2003 वर्ल्ड कप में एक साथ खेले थे। (फाइल)

जहीर खान का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों में लिया जाता है। उन्होंने 92 टेस्ट मैचों में 311 विकेट अपने नाम किए। 200 वनडे में 282 और 17 टी20 मैचों में 17 विकेट झटके हैं। जहीर ने साल 2000 में टीम इंडिया के लिए डेब्यू किया था। तब सौरव गांगुली टीम के कप्तान थे। उनका चयन पूर्व तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ के एक फोन से हो गया था। इस बारे में गांगुली ने एक रोचक कहानी सुनाई थी।

गांगुली ने अपने बंगाली शो ‘दादागिरी’ में जहीर खान के डेब्यू के बारे में विस्तार से बताया था। उस दौरान शो पर वीरेंद्र सहवाग, मोहम्मद कैफ, रविचंद्रन अश्विन, हरभजन सिंह, जहीर खान और वीवीएस लक्ष्मण भी मौजूद थे। गांगुली ने जहीर से कहा था, ‘‘जब मैं कप्तान था और टीम बन रही थी तब जवागल श्रीनाथ ने मुझे फोन किया था। उन्होंने कहा था कि एक बाएं हाथ का तेज गेंदबाज है। उसे टीम में लेना है। मुझे पता नहीं वह आपसे (जहीर) कहां मिला था। आपको कहां खेलते देखा मुझे नहीं पता। मैंने आपको कभी खेलते नहीं देखा था। शायद एमआरएफ पेस फाउंडेशन में देखा होगा।’’

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इसके आगे जहीर ने कहा था, ‘‘इंडियन एयरलाइंस और एमआरएफ पेस फाउंडेशन का मैच हुआ था। उस मैच में जवागल श्रीनाथ भी खेल रहे थे। मैंने उस मैच 8 विकेट लिए थे। वहां पर उन्होंने मुझसे कहा था कि आपका बड़ा नाम सुना है और आप इंडिया के लिए खेलोगे।’’ जहीर ने आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी में केन्या के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था। उन्होंने अपना पहला टेस्ट साल 2000 में ही बांग्लादेश के खिलाफ खेला था।

जहीर पहले वनडे को याद कर बोले, ‘‘मुझे अपना पहला मैच अभी भी याद है। आपने (गांगुली) मुझे गेंदबाजी की शुरुआत करने के लिए कहा था। मेरा पहला गेंद वाइड था। मैं मैच से पहले सारी रात सोया नहीं था। इंटरनेशनल मैच का प्रेशर काफी होता है। सोच रहा था कि इतना बड़ा मौका मिला है। कुछ अच्छा करना है। जब पहली गेंद वाइड हुई तो मैंने सोचा कि इससे खराब कुछ नहीं हो सकता है। इसके आगे सबकुछ बढ़िया ही होगा।’’ जहीर ने अपना आखिरी मैच 2014 में खेला था।

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