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मैदान के बाहर भिड़े भारतीय और किवी स्पिनर, चहल ने यहां भी दी शिकस्त

भारत और न्यूजीलैंड के बीच अंतिम और निर्णायक मैच आज तिरुअनंतपुरम में खेला जाएगा।

फ्लाइट में क्रिकेट खेलते युजवेंद्र चहल।

राजकोट में खेले गए दूसरे टी20 में भारत को 40 रनों से हराकर न्यू जीलैंड ने सीरीज 1-1 से बराबर कर ली है। अब दोनों टीमों का अगला मुकाबला 7 नवंबर को तिरुअनंतपुरम में होगा। लेकिन उससे पहले भी दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने आपस में मुकाबला का मौका नहीं छोड़ा। यह भिड़ंत थी भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल और किवी टीम के खिलाड़ी ईश सोढ़ी के बीच। लेकिन यह मुकाबला 22 गज की पिच पर नहीं बल्कि 64 स्क्वेयर पर खेला गया था। दरअसल तिरुअनंतपुरम जाने के वक्त सोढ़ी और चहल चेस यानी शतरंज खेलने लगे। क्रिकेट में आने से पहले चहल जूनियर चेस चैम्पियन रह चुके हैं। उन्होंने एशियन और वर्ल्ड यूथ चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, लेकिन फंड और स्पॉन्सरों की कमी होने के कारण वह आगे नहीं बढ़ पाए। युजवेंद्र के पिता केके चहल के हवाले से एचटी ने लिखा, शतरंज में आगे बढ़ने के लिए उसे सालाना 50 लाख रुपयों की जरूरत थी। लेकिन हम स्पॉन्सर नहीं ढूंढ पाए, इसलिए उसे खेल छोड़ना पड़ा। अब शतरंज उसकी हॉबी है।

सोढ़ी के खिलाफ मैच में चहल ने साबित कर दिया कि आज भी शतरंज में उनका दिमाग पहले जितना ही तेज चलता है। भारतीय गेंदबाज ने किवी बल्लेबाज को आसानी से मात दे दी। चहल ने इसकी एक तस्वीर भी ट्विट पर अपलोड की है। सोढ़ी ने भी इस पोस्ट को री-ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि नतीजा अब सबके सामने है और उनके साथी खिलाड़ी मैट हेनरी उन्हें यह ‘शिकस्त’ भूलने देना नहीं चाहते। सोढ़ी ने दूसरा मैच खत्म होने के बाद एक तस्वीर भी पोस्ट की है, जिसमें भी उन्हें मात मिली थी।

हालांकि सोढ़ी ने बाद में यह भी माना कि चहल एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। स्टफ.को.एनजेड ने सोढ़ी के हवाले से लिखा, हमने दो मैच खेले और उन्होंने मुझए आसानी से मात दे दी। मुझे उम्मीद नहीं थी कि वह इतना चालाक होगा। मैं सुरक्षात्मक रवैये से खेल रहा था। यह हर किसी के लिए अजीब था।

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