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सचिन तेंदुलकर से पहली बार हाथ मिलाने के बाद नहाना नहीं चाहते थे युवराज सिंह, Netflix के वीडियो में किया था खुलासा

युवराज ने कहा, ‘‘वे ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने भारत को हमेशा जीत दिलाई। अगर वे आउट हो जाते थे तो टीम इंडिया ढह जाती थी। जब जब चीजें ठीक नहीं हो रही होती हैं तो आप हमेशा सलाह ढूंढते हैं। एक सीनियर की तलाश करते हैं जो आपका मार्गदर्शन कर सके।’’

Author Edited By ROHIT RAJ नई दिल्ली | November 14, 2020 7:17 AM
Yuvraj Singh, Sachin Teandulkar, relationship, yuvarjयुवराज सिंह ने साल 2000 में टीम इंडिया के लिए अपना पहला मैच खेला था। (सोर्स – सोशल मीडिया)

भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अपने शुरुआती दिनों के बारे में खुलासा करते हुए कहा था कि जब उन्होंने पहली बार सचिन तेंदुलकर से हाथ मिलाया वे नहाना नहीं चाहते थे। Netflix ने युवराज का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें इस पूर्व ऑलराउंडर बताया कि कैसे तेंदुलकर की मौजूदगी ने उनके होश उड़ा दिए थे। युवी अपने आदर्श सचिन से पहली बार साल 2000 में मिले थे। तब उन्होंने टीम इंडिया के लिए आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी में डेब्यू किया था।

युवराज अंडर–19 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम में शामिल हुए थे। उनके साथ जहीर खान ने भी डेब्यू किया था। नेटफ्लिक्स ने ‘स्टोरीज बिहाइंड द स्टोरी’ नाम का एक वीडियो यूट्यूब अपलोड किया। इसमें युवराज ने सचिन से पहली मुलाकात के बारे में कहा, ‘‘साल 2000 में मैंने भारत के लिए अपनी शुरुआत की। मैं अंडर -19 के लिए खेलने के बाद गया था। अचानक मैं अपने नायकों के साथ खेल रहा था। तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले, जवागल श्रीनाथ टीम में बड़े खिलाड़ी थे और अचानक मैं वहां था।’’

युवराज ने आगे कहा, ‘‘मैं क्लास में सबसे पीछे बैठता था। बस में भी सबसे पीछे बैठता था। जब वो बस में आए और मेरी ओर हाथ बढ़ाया तो मैं हैरान हो गया था। जहीर खान, विजय दहिया भी नए थे। मुझे याद है कि जब वो पीछे गए और बैठ गए तो मैंने अपने हाथ को पूरे शरीर पर रगड़ा। मैं बिल्कुल भी नहाना नहीं चाहता था। क्योंकि मैंने तेंदुलकर से हाथ मिलाया था।’’ युवराज ने सचिन की तुलना NBA के महान खिलाड़ी माइकल जॉर्डन से की।

युवराज ने कहा, ‘‘वे ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने भारत को हमेशा जीत दिलाई। अगर वे आउट हो जाते थे तो टीम इंडिया ढह जाती थी। जब जब चीजें ठीक नहीं हो रही होती हैं तो आप हमेशा सलाह ढूंढते हैं। एक सीनियर की तलाश करते हैं जो आपका मार्गदर्शन कर सके। एक वरिष्ठ के लिए आपका मार्गदर्शन करने के लिए। मैंने वर्षों तक यह देखा है कि उन्होंने खुद को मैदान से बाहर कैसे पेश किया। इसलिए मेरा उनसे एक ऐसा रिश्ता था, जिसमें मैं जीवन के बारे में बात कर सकता था। उन्होंने हमेशा मेरी मदद की।’’

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