कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ भारत के प्रैक्टिस मैच के बाद क्रिकेट एक्सपर्ट्स इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत का बैटिंग अप्रोच कैसा होना चाहिए। प्रैक्टिस मैच में ऋषभ पंत ने एक अलग तरह का डिफेंसिव अप्रोच अपनाया था जो इस विकेटकीपर-बल्लेबाज के नैचुरल आक्रामक बैटिंग स्टाइल को देखते हुए काफी अजीब लगा।

गॉल में भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले पहले टेस्ट मैच से पहले, भारत के पूर्व ओपनर और अनुभवी कोच डब्ल्यूवी रमन ने कहा कि पंत को अपना नैचुरल बैटिंग स्टाइल अपनाने देना चाहिए, क्योंकि वह इस फॉर्मेट में टीम के मैच-विनर खिलाड़ियों में से एक हैं। पिछले कुछ सालों में अपने अनोखे बैटिंग अप्रोच की वजह से पंत को टीम का एक्स-फैक्टर माना जाता है।

पंत को खेलना चाहिए नैचुरल गेम

पंत ने चाहे घरेलू सीरीज हो या विदेश में खेले जाने वाले मुकाबले, कभी भी खुलकर खेलने में संकोच नहीं किया। 50 टेस्ट मैचों में 43.37 के शानदार औसत से 3500 रन बनाने के बावजूद उन्हें कई बार अहम मौकों पर जरूरत से ज्यादा आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा।

अगर ऋषभ पंत लंबी पारियां खेलना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी बहुत ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी और खराब शॉट चयन पर काम करने की जरूरत है। साथ ही इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि पंत की बल्लेबाजी की शैली ने कई बार टीम इंडिया को मुश्किल हालात से बाहर भी निकाला है।

समाचार न्यूज एजेंसी आईएएनएस से ​​बात करते हुए रमन ने कहा कि ऋषभ पंत को श्रीलंका के खिलाफ अपना प्राकृतिक खेल खेलना चाहिए, क्योंकि यही भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सबसे अच्छा हो सकता है।

उन्होंने कहा कि उन्हें बस वैसे ही खेलना चाहिए जैसी वह बैटिंग करना जानते हैं तभी वह अपना सर्वश्रेष्ठ दे पाएंगे। मुझे लगता है कि अगर वह खुद को एक टेस्ट बैटर की तरह खेलने के लिए मजबूर करते हैं या सामान्य टेस्ट बैटर की तरह खेलने की कोशिश करते हैं तो वह उलझन में पड़ सकते हैं।

ऋषभ पंत को दें पूरी आजादी

इंटरव्यू में रमन ने आगे कहा कि भारतीय टीम मैनेजमेंट को पंत को अपने तरीके से खेलने की पूरी आजादी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऋषभ पंत को वैसे ही खेलने की आजादी मिलनी चाहिए जैसे वह खेलते हैं। मुझे लगता है कि जब वह अपने आक्रामक अंदाज में खेलते हैं तो वह सबसे अच्छा खेलते हैं। उन्होंने विदेशों में बहुत मुश्किल हालात से कुछ टेस्ट मैच जिताए हैं। इसलिए मुझे लगता है कि ऋषभ पंत को यह आजादी मिलनी चाहिए। रमन ने पूरी तरह से पंत की आक्रामक अंजाद में क्रिकेट खेलने के अंदाज का समर्थन किया।

सचिन के 203 रन, रैना का डेब्यू टेस्ट शतक, सहवाग के 99 रन, फिर भी नहीं जीता था भारत; श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया ने बनाए थे 707 रन

श्रीलंका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर ने जिस टेस्ट मैच में 203 रन की पारी खेली थी और सुरेश रैना ने भी शतक लगाया था उस मुकाबले में भारत को जीत नहीं मिली थी। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग 99 रन पर आउट हो गए थे और अपने शतक से सिर्फ एक रन से चूक गए थे। (इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)