scorecardresearch

Wrestlers Protest: विनेश फोगाट का ऐलान- खेल मंत्री ने नहीं निकाला समाधान तो जंतर मंतर पर ही प्रैक्टिस करेंगे पहलवान

Vinesh Phogat on Wrestlers Protest: खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मिलने से पहले विनेश फोगाट ने कहा कि डब्ल्यूएफआई चीफ गोंडा क्यों भागे हैं। वह देश से भाग भी सकते हैं।

Wrestlers Protest: विनेश फोगाट का ऐलान- खेल मंत्री ने नहीं निकाला समाधान तो जंतर मंतर पर ही प्रैक्टिस करेंगे पहलवान
Wrestlers meeting with sports minister: खेल मंत्री से मिलने के लिए जंतर-मंतर से निकलने से पहले बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट सहित अन्य पहलवान मीटिंग करते हुए। (फोटो – द इंडियन एक्सप्रेस)

निहाल कोशी

Wrestlers Protest against WFI: शीर्ष भारतीय रेसलर्स का भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) और उसके अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन का शुक्रवार को तीसरा दिन है और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) के साथ बैठक से पहले विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने कहा है कि अगर समाधान नहीं निकला तो शनिवार से पहलवान जंतर मंतर पर ही मैट लगाकर प्रैक्टिस करते नजर आएंगे।

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) से मुलाकात से पहले विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने कहा, “हम खेल मंत्री से मिलने जा रहे हैं। अगर कोई समाधान नहीं हुआ तो हम कल जंतर-मंतर पर कुश्ती मैट के साथ दिखेंगे। एक महिला पहलवान ने आज मुझे फोन किया है। मेरे पास 30 मिनट का एक ऑडियो है कि कैसे उसे प्रताड़ित किया गया। यह डब्ल्यूएफआई के उपाध्यक्ष को लेकर है। उन्होंने डब्ल्यूएफआई को कई पत्र लिखे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।”

देश से भाग भी सकते हैं बृजभूषण शरण सिंह

विनेश फोगाट ने इस दौरान भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) पर निशाना साधते हुए कहा, ” हम खुश हैं कि डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष उत्तर प्रदेश में हैं। वह यहां से गोंडा क्यों भागे हैं। वह देश से भाग भी सकते हैं। डब्ल्यूएफआई का कार्यालय महज 100 मीटर की दूरी पर था, लेकिन वह क्यों नहीं आए? मैंने उनसे पूछा होता, क्या आप कह सकते हैं कि आपने कुछ भी गलत नहीं किया है?”

एक नहीं कई महिला पहलवानों का है मामला

विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने यह भी कहा, “अभी तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। हम केवल रेसलिंग पर चर्चा कर रहे होते तो एक घंटे में हमारी सभी मांगों पर चर्चा हो जाती और उन्हें पूरा किया जा सकता छा। ये मामला महिलाओं का है, ये एक महिला पहलवान का नहीं बल्कि कई महिला पहलवानों का मामला है। यह महिला पहलवानों के भविष्य का मामला है। हम यहां स्वाभिमान की लड़ाई लड़ने आए हैं और हम अपना स्वाभिमान नहीं खो सकते। यह महिलाओं के सम्मान की सम्मान और उनसे पहलवान बनने की बात। उनके माता-पिता को हम उन्हें निराश नहीं कर सकते। “

पढें खेल (Khel News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

First published on: 20-01-2023 at 06:21:21 pm
अपडेट